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crime news : जिले में कुल 32 हजार 167 लाइसेंसी हथियार हैं, इनमें 31,209 को लोकसभा चुनाव की वजह से थानों में जमा करा लिया है। इनके अलावा 575 को शस्त्र जमा कराने से छूट दी गई है और 364 ने बंदूके बिना बताए अपनी पास रखी थी तो उन्हें जप्त किया है। उसके बाद भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं रूका है। पिछले 59 दिन (16 मार्च को आचार संहिता लागू होने से) में पुलिस के खाते में फायरिंग की 18 वारदातें आई हैं। इससे जाहिर है न तो दो नंबर के हथियारों पर कसावट हुइ है और न इनमें इस्तेमाल होने वाले कारतूसों का हिसाब लिया गया है। जबकि कई बार मुद्दा उठ चुका है कि शस्त्र विक्रताओं से सलीके से कारतूसों का हिसाब लिया जाए तो दो नंबर के हथियारों का इस्तेमाल काबू आएगा।
देसी तंमचे और पिस्टल के बूते पर गुंडागर्दी शहर में हुई है। यहां 13 वारदातों में अपराधियों ने खुलकर दो नंबर के हथियार चलाए हैं। इनमें भी 9 जगहों पर फायरिंग दिनदहाड़े की है। जबकि पुलिस ने माना था लोकसभा चुनाव की वजह से उसका फोकस दो नंबर के हथियार और नशा खपाने वालों पर है। पुलिस अधिकारी कहते हैं हथियार तस्करों के पैडलर्स खुलासा कर चुके हैं जिले में दो नंबर के हथियारों की डिमांड ज्यादा है। तमंचे, देसी पिस्टल और रिवाल्वर की खरगोन, खंडवा और इटावा के रास्ते सप्लाई है। कुछ बड़े सप्लायर के नाम पते भी मिले हैं। लेकिन हथियार खपाने वाले हाथ नहीं आए हैं।
पुलिस रेकार्ड के मुताबिक पिछले दो महीने में महाराजपुरा, गोला का मंदिर, हजीरा और बहोडापुर में अपराधियों ने हनक जमाने के लिए अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया है।
आचार संहिता में अपराधी और अवैध हथियार दोनों पर फोकस रहा है। कई जगहों पर अवैध हथियार पकड़ेे भी गए हैं। उनसे हथियार सप्लाई करने वालों के ठिकाने भी पता चले हैं। इन्हें बस्र्ट किया जाएगा। इसकी भी प्लानिंग की जा रही है। युवाओं में अवैध हथियारों का क्रेज बढ़ा है यह चिंता की बात है।
षियाज केएम क्राइम ब्रांच एएसपी
Published on:
17 May 2024 06:41 pm
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