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ट्रायल में ही फेल हो गई रोजाना सप्लाई व्यवस्था, सडक़ पर उतरे लोग

जब से प्रतिदिन सप्लाई शुरू हुई है विनय नगर के कई क्षेत्रों में तब से पानी की किल्लत है। इसको लेकर बार-बार लोगों ने शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार को भी जब सुबह 9 बजे पानी नहीं मिला तो समृद्धि मेंशन के लोग सडक़ों पर उतर आए और रास्ता जाम कर दिया।

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ट्रायल में ही फेल हो गई रोजाना सप्लाई व्यवस्था, सडक़ पर उतरे लोग

ट्रायल में ही फेल हो गई रोजाना सप्लाई व्यवस्था, सडक़ पर उतरे लोग

ग्वालियर. शहर में रोजाना पेयजल सप्लाई व्यवस्था ट्रायल में ही फेल हो गई है। कई क्षेत्रों में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है, जिससे लोग नाराज हैं। विनय नगर में पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों ने गुरुवार को कॉलोनी में गौरी शंकर स्कूल के पास चक्काजाम कर दिया। लोगों का आरोप था कि उन्हें 4 दिन से पानी नहीं मिला है। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे नगर निगम अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया तब लोग हटे।

जब से प्रतिदिन सप्लाई शुरू हुई है विनय नगर के कई क्षेत्रों में तब से पानी की किल्लत है। इसको लेकर बार-बार लोगों ने शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार को भी जब सुबह 9 बजे पानी नहीं मिला तो समृद्धि मेंशन के लोग सडक़ों पर उतर आए और रास्ता जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और निगम अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों का कहना था कि पानी के लिए तरस रहे हैं, ऐसे कैसे काम चलेगा। घर से लेकर ऑफिस सभी प्रभावित हो रहे हैं। निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार से समस्या नहीं आएगी, तब कॉलोनी के लोगों ने रास्ता खोला।

यहां भी पानी की किल्लत
शहर में इस्लामपुरा, रामाजी का पुरा, जनकताल, गुदड़ी मोहल्ला, रानीपुरा, डांग बाबा, डीडी नगर, शताब्दीपुरम, मुरार, थाटीपुर, शारदा विहार आदि क्षेत्रों में भी पानी की समस्या बनी हुई है।

सुधरने के बजाय बिगड़ रहे
शहर में नगर निगम अधिकारियों द्वारा अप्रेल से ही रोजाना पेयजल सप्लाई का सपना दिखाया जा रहा था, लेकिन बार-बार इसकी तारीखें बदलते रहे। गर्मियां पानी के संकट से जूझते हुए निकल गईं, लेकिन लोगों को रोजाना पानी नहीं मिल पाया। आखिरकार जब 2 सितंबर से रोजाना पेयजल सप्लाई शुरू कर दी गई तो तमाम समस्याएं सामने आईं। जिन क्षेत्रों में पानी एक दिन छोडकऱ दिया जा रहा था, वहां रोजाना सप्लाई के बाद पानी नहीं आया। इसके लिए निगम और पीएचई अधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्होंने रोजाना पेयजल सप्लाई में आ रहीं बाधाओं को दूर नहीं किया। 7 दिन के लिए बतौर ट्रायल शुरू हुई रोजाना सप्लाई में सुधार होने के बजाए हालात बिगड़ रहे हैं। दरअसल, रोजाना सप्लाई में कर्मचारियों और अधिकारियों पर दबाव अधिक रहेगा, जिसके कारण अधिकारी चाहते ही नहीं हैं कि रोजाना पेयजल सप्लाई हो। यही कारण है कि व्यवस्थाएं सुधरने के बजाए लगातार बिगड़ रही हैं। 7 दिन के ट्रायल में जब व्यवस्था फेल हो जाएगी तो एक बार फिर से एक दिन छोडकऱ पेयजल सप्लाई किया जाएगा।