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सुसाइड नोट में मां ने लिखा-हत्यारी बेटी ने अपने पिता ही नहीं मेरे साहस और धैर्य की भी हत्या कर दी है

बेटी के एक गलत कदम से उजड़ गया परिवार, बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पिता की हत्या, अब 18 दिन बाद मां ने की आत्महत्या  

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Suicidal case in Gwalior

ग्वालियर. थाटीपुर के तृप्ति नगर में घर की बेटी के कारण पूरा परिवार उजड़ गया है। बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी थी। इसके 18 दिन बाद सोमवार रात को मां ने भी किले से कूदकर आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं पीठ दिखाने वालों में से नहीं हूं, लेकिन हत्यारी बेटी ने पिता ही नहीं मेरे साहस और धैर्य की भी हत्या कर दी। माना जा रहा है कि पति की हत्या में बेटी के द्वारा किए जाने से वह सदमे में थी।

थाटीपुर थाना क्षेत्र के तृप्तिनगर में पांच अगस्त को टाइम कीपर रवि दुबे दुबे (58) पुत्र ओमप्रकाश दुबे की रात में सोते समय घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में हत्या छोटी बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर किया जाना पाय गया था। पुलिस ने बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में था। सोमवार को मृतक टाइम कीपर की पत्नी भारती दुबे ने अपनी बड़ी बेटी कृतिका एवं बेटे रुद्रेश से कहा कि तुम्हारे पापा की बहुत याद आ रही है, चलो कहीं घूमकर आते हैं, थोड़ा मूड फे्रश हो जाएगा। इसके बाद वह बच्चों के साथ किले पर पहुंची। यहां बच्चों को लाइट एंड साउंड के टिकट लेने के लिए भेज दिया जब बच्चे लौटकर आए तो मां लापता थी। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। देर रात तक महिला को तलाश किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। महिला का शव मंगलवार सुबह पुलिस ने उरवाई गेट से बरामद कर लिया है। इधर घरवालों को मृतका का एक सुसाइड नोट मिला है।


सुसाइड नोट : मेरे दिए संस्कार गलत निकलेे,
मेरी औलाद ने अपने पिता को खत्म कर दिया

मृतका भारती दुबे ने सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें उसने लिखा कि मैं भारती दुबे पत्नी रविदत्त दुबे, इस पश्चाताप से बाहर नहीं आ पा रही कि मैं घर पर ही रही और मेरे सबकुछ मेरे पति की हत्या हो गई। मेरे ससुराल, मायके वालों एवं बड़ी बेटी ने भी बहुत मदद की। मेरे संस्कार गलत निकले कि मेरी औलाद ने ही पिता को खत्म कर दिया। मेरेे तीन बच्चे गुंजा (नातिन), बेटी कृतिका ने बहुत सेवा की, मेरा बेटा रूदेश श्रवण कुमार है। मेरे बच्चों का उनके पिता की हत्या में कोई हाथ नहीं है। मेरे बाद श्री दुबे जी का सबकुछ रूद्रेश दुबे का होगा। मेरी बड़ी बेटी कृतिका हमारे घर रहती है, पिता पर आश्रित थी। मेरा लाड़ला अभी छोटा है, इसलिए मेरे देवर एवं बेटी कृतिका को उनके संबंध में निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार होगा। मेरे बच्चों व गुंजा मुझे माफ कर देना। मैं पीठ दिखाने वालों में से नहीं हूं, पर हत्यारी बेटी ने मेरे साहस, धैर्य सबकी हत्या कर दी है। मेरी जान ! मेरे बच्चों मुझे माफ कर दो। मेरा पूरा ससुराल, मायका मेरी तेहरवीं न करे।

जांच की जा रही
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को कब्जे में लिया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतका ने घर पर सोसाइड नोट भी छोड़ा है। जांच की जा रही है।
अमर सिंह सिकरवार, टीआई बहोड़ापुरा