
जिला अस्पताल:400 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में सिर्फ 40 यूनिट ब्लड
झाबुआ. पश्चिमी मप्र के आदिवासी अंचल में अब भी लोग रक्तदान को लेकर जागरूक नहीं है। जिसका उदाहरण है कि जिला अस्पताल के 400 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में वर्तमान में महज 40 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है।
आरएमओ डॉ सावन चौहान का कहना है कि समझाइश के बावजूद लोगों ने रक्तदान से दूरी बना रखी है। ऐसे में मरीजों की पूर्ति और ब्लड बैंक का स्टॉक बनाए रखने में दिक्कत आती है। लोगों को लगता है कि रक्तदान करने से शारीरिक कमजोरी आ जाती है और दोबारा रक्त का निर्माण नहीं होता। ऐसे में अस्पताल में भर्ती गर्भवती और सीवियर एनीमिया से पीडि़तों के लिए खून की व्यवस्था करने में अस्पताल प्रबंधन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यदि मरीज खुद रक्तदाता लेकर आ गया तो ठीक, नहीं तो कई बार ब्लड बैंक में मौजूद सूची के जरिए एक-एक डोनर से संपर्क करना पड़ता है। ब्लड बैंक में ब्लड का स्टॉक काफी कम है। इन हालातों में बड़ी इमरजेंसी आ गई तो दिक्कतें खड़ी हो सकती है। वर्तमान में जिला अस्पताल में रोजाना औसत 15 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ रही है। इसमें भी प्रसूति वार्ड में भर्ती गर्भवतियों के साथ ही सिकलसेल एनीमिया पीडि़त, छोटे बच्चे और सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को ब्लड चढ़ाना पड़ता है।
रक्तदान के लिए ऐसे सामाजिक प्रयासों की आवश्यकता: परिवार के वरिष्ठ सदस्य के 95वे जन्मदिन पर करेंगे। शिविर में 95 यूनिट रक्त संग्रहण का लक्ष्य है।
रक्तदान के फायदे: अगर आप एक बार रक्तदान करते हैं तो चार लोगों को नई ङ्क्षजदगी देते हैं। कारण कि एक यूनिट खून में चार कंपोनेंट (पलेटलेट््स, पीआरबीसी, फ्रेश फ्रोजेन प्लाल्मा, प्रायोपेसीटेंड) तैयार किए जाते हैं। यहीं नहीं रक्तदान के बाद ब्लड बैंक में आधुनिक मशीनों से मुफ्त में कई बीमारियों की भी जांच हो जाती है और आपकी पूरी बॉडी की भी स्क्रीङ्क्षनग कर ली जाती है। इससे पता चल जाता है कि आपके खून में रिएक्शन आदि की कमियां तो नहीं है।
65 साल तक कर सकते हैं रक्तदान
&यदि आप स्वस्थ्य है तो 65 साल की उम्र तक रक्तदान कर सकते हैं। इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं आती है।
डॉ बीएस बघेल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, झाबुआ
इनके काम आता है आपका दिया खून
ठ्ठ प्रसव के दौरान मां के लिए।
ठ्ठ नवजात शिशु का रक्त बदलने के लिए।
ठ्ठ सड़क दुर्घटना या अन्य आपदा में घायलों के लिए।
ठ्ठ हृदय रोग, अंग प्रत्यारोपण व अन्य आपरेशन के लिए।
ठ्ठ थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, कैंसर आदि के मरीजों को।
Published on:
14 Jun 2023 12:18 am

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