
डॉक्टर-प्रशासन विवाद : चिकित्सक बोले-प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करे, कमिश्नर ने दिया ऐसा जवाब
ग्वालियर। प्रशासन पर अनावश्यक हस्तक्षेप का आरोप लगाकर गुस्सा उगलने वाले डॉक्टर अब नरम पड़ गए हैं, लेकिन उनकी अधिकतर मांगें अब भी वही हैं। मंगलवार को उन्होंने कमिश्नर एमबी ओझा को मुख्यमंत्री कमलनाथ,चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और स्वास्थ्य मंत्री के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस दौरान कमिश्नर ओझा से कहा भी कि हम विवाद नहीं चाहते,लेकिन प्रशासन बिना वजह हमारे काम में हस्तक्षेप नहीं करे।
इस पर कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन और डॉक्टरों को मिलकर काम करना चाहिए। कमिश्नर ने चिकित्सकों से कहा कि प्रशासन की जरूरत पड़ेगी तो हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहेगा। दोनों के बीच तालमेल के साथ लगातार बातचीत होनी चाहिए। प्रशासन को इससे पता रहेगा कि चिकित्सकों को क्या परेशानियां हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की जरूरत है, यह तालमेल से ही संभव है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सेंट्रल वर्किंग कमेटी के सदस्य डॉ. एएस भल्ला ने बताया कि इंडियन मेडिकल, नर्सिंग होम, मेडिकल टीचर, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन और जूडा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कमिश्नर को ज्ञापन दिया।
यह मांगें हैं ज्ञापन में
Updated on:
27 Nov 2019 01:06 pm
Published on:
27 Nov 2019 11:18 am
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