
ग्वालियर में हुई 20 महिलाओं की मौत, ये रहा इन मौतों का कारण
ग्वालियर। दहेज के लिए कड़े कानून के बाद भी महिलाओं पर अत्याचार नहीं रुक रहे हैं। इस 'जिन्नÓ नुमा दहेज के लालच के कारण ससुरालवाले महिलाओं की जिंदगी बर्बाद करने से भी नहीं चूक रहे हैं। दहेज के लिए महिलाओं से मारपीट कर घर से बाहर निकाला जा रहा है, उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है जिससे तंग होकर वे आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने को मजबूर हो रही हैं।
ग्वालियर जिले में दहेज की शिकार महिलाओं की संख्या इस साल बढ़ी है। साल के शुरुआत के चार महीने का ही आंकड़ा देखें तो हर महीने 20 महिलाएं ससुरालवालों की प्रताडऩा से तंग होकर थाने पहुंची हैं। यह वह आंकड़ा है, जिनकी रिपोर्ट हुई है, इसके अलावा कई ऐसी पीडि़ताएं भी हैं, जिनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। वहीं चार महीने में करीब 80 एफआइआर हुई हैं।
8 की गई जान
दहेज प्रताडऩा से तंग होकर कुछ महिलाओं ने मौत को गले लगा लिया। पिछले चार महीने में करीब 8 महिलाओं को दहेज के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी। हर महीने 2 महिलाएं दहेज हत्या की शिकार हो रही हैं।
दहेज प्रताडऩा के मामले, पैसों के लिए गर्भवती पत्नी को पीटा
गुढ़ा (कंपू) निवासी पीडि़ता को 6 माह का गर्भ था, पति उस पर मायके से पैसे लाने के लिए दबाव डालता रहा, न लाने पर पीटा। हालत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद मायके वालों ने पति पर एफआइआर कराई।
कार नहीं लाई तो घर से निकाला
पुरानी छावनी निवासी मीना की शादी को 12 महीने हुए थे, कि ससुरालियों ने कार की मांग कर दी। मीना ने कहा, पैसा नहीं दे सकते तो उसे प्रताडि़त किया जाने लगा और घर से निकाल दिया तब उसने थाने जाकर एफआइआर कराई।
3 बार सुलह की कोशिश
दहेज प्रताडऩा की एफआइआर से पहले पुलिस दोनों पक्षों की सुनती है, जिसकी गलती हो उसे परामर्शदात्री समिति समझाइश देती है। बात नहीं बनने पर दो और मौके देती है। इसके बाद भी समझौता नहीं होता तो पुलिस महिला की शिकायत पर एफआइआर करती है।
रोजाना 5 मामले
&दहेज के रोजाना 5 से 6 मामले आते हैं। हम दोनों पक्षों की 3 बार काउंसलिंग कराते हैं, जिससे गलत फहमी दूर हो जाएं। अगर उनमें समझौता नहीं होता, तब एफआइआर की जाती है।
शैलजा गुप्ता, टीआइ महिला थाना
Published on:
23 Jul 2018 12:54 pm
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