
Dr. Saroj
ग्वालियर। इंसान के अंदर यदि जोश, जज्बा और जुनून है तो वह कुछ भी कर सकता है। इसका जीता जागता उदाहरण हैं 80 वर्ष की डॉ. सरोज भाटी। वह वर्तमान में दो किताबें लिख रही हैं और अभी तक श्रीराम पर 5 किताबें लिख चुकी हैं। वह आज भी छह घंटे अध्ययन करती हैं और जब भी समय मिलता है पेंटिंग बनाने बैठ जाती हैं। इस उम्र में भी वह अपना काम स्वयं करती हैं और अपने शौक के लिए भी समय निकालती हैं।
रिटायरमेंट के बाद किया श्रीराम पर गहन अध्ययन
डॉ. सरोज ने बताया कि मैं मुरादाबाद जीडीएच कॉलेज से रिटायर्ड हूं। उस टाइम पर तो मैं ज्यादा कुछ नहीं कर पाई, लेकिन रिटायरमेंट के बाद मुझे समय मिला और में श्रीराम पर अध्ययन किया और किताबें लिखनी शुरू की। मैंने इन किताबों में उनका जीवन गद्य और पद्य के माध्यम से दिखाया है। इन किताबों की मांग मार्केट में निरंतर बनी हुई हैं।
इंग्लिश और हिंदी में लिख रहीं किताबें
वह बताती हैं कि वर्तमान में मैं ‘स्प्रिट ऑफ स्प्रिचुअल्टी’ इंग्लिश में और ‘भारतीय कला का इतिहास’ किताब लिख रही हूं। यह किताब मेरी लघु चित्रों पर आधारित है। ये किताबों पर मैं लगभग 70 प्रतिशत काम कर चुकी हूं।
500 से अधिक पेंटिंग का कलेक्शन
डॉ. सरोज को बचपन से पेंटिंग का शौक रहा। उनका यह शौक आज भी बरकरार है। वह अभी तक 500 से अधिक पेंटिंग बना चुकी हैं। ये पेंटिंग सभी मीडियम में हैं। इन पेंटिंग की कई जगह वे एग्जीबिशन भी लगा चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने 16 फिल्में बनाई हैं, जो ज्वलंत मुद्दों पर आधारित रहीं। इनमें बाल विवाह, साक्षरता, आतंकवाद आदि विषय शामिल थे। डॉ. सरोज पर उनकी एक शिष्या ने रिसर्च भी किया है।
Published on:
02 Apr 2023 05:28 pm
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