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शहर में ड्रेनेज पर साल करोड़ों खर्च फिर भी समाधान नहीं, छह महीने में आई 2196 शिकायतें

व्यवस्था ठीक नहीं होने से उफन रहे चैंबर, निगम में हर दिन हो रही शिकायतें

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शहर में ड्रेनेज पर साल करोड़ों खर्च फिर भी समाधान नहीं, छह महीने में आई 2196 शिकायतें

शहर में ड्रेनेज पर साल करोड़ों खर्च फिर भी समाधान नहीं, छह महीने में आई 2196 शिकायतें

ग्वालियर। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए अभी गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) व सफाई सुरक्षा मित्र में सर्वे करने के लिए टीम आने वाली है। लेकिन उसके बाद भी शहरवासी ड्रेनेज की समस्या से त्रस्त हैं। स्थिति यह है कि शहर में जरा सी बारिश होने से नाले, नालियां व चेंबर उफान भरने लगते हैं और सडक़ पर जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ दिखाई देता है। जबकि ड्रैनेज सिस्टम के निराकरण के लिए हर साल 12 करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए जाते हैं उसके बाद भी समस्या बनी हुई है।

हेल्पलाइन पर आई शिकायतें भी इसकी गवाह हैं। बीते छह माह में निगम में साफ सफाई, स्वास्थ सेवाएं, ड्रैनेज चोक होने व सीवेज की 2196 शिकायतें आई मिलीं। इसके अतिरिक्त मौखिक रूप से भी रहवासियों ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को समस्या बताई है। वर्तमान में अगस्त से 12 सितंबर 2023 तक 1416 शिकायतें है, इसमें साफ सफाई व सीवेज की 371 शिकायते हैं और 592 अभी भी पैंडेसी में है। ड्रेनेज सिस्टम की सबसे बड़ी समस्या लाइनों का सही मिलान नहीं होना और ड्रेनेज की पाइपलाइन सही नहीं होने से ड्रेनेज चोक हो रहे और चैंबर उफन रहे हैं।

457 नाले में से 40 प्रतिशत में अभी भी भरी गंदगी
निगम द्वारा स्वर्ण रेखा में सीवर लाइन से मिलाए गए बड़े-बडे 84 नाले व छोटे-छोटे 1361 नाले-नालियां से आधे गंदगी से भरे पड़े हैं। हालांकि निगम के रिकॉर्ड में चारों विधानसभा क्षेत्र के 457 नाले दर्ज हैं, इनमें से अभी भी 40 प्रतिशत नाले साफ ही नहीं हुए है। जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 176 नाले-नालियों को शामिल किया गया था। खास बात यह है कि नाले-नालियों की साफ सफाई पर हर साल करीब छह करोड़ खर्च किए जाते हैं।

जिम्मेदार सबक भूले...इसलिए शहर में भर रहा पानी

हादसे के बाद भी नहीं सुधरा ड्रेनेज सिस्टम
शहर में जरा सी बारिश होने पर निगम मुख्यालय, फायर कार्यालय, काला शैयद रोड, बंडा पुल के पास, पड़ाव पुल, रेलवे स्टेशन,रेलवे स्टेशन पेट्रोलपंप के पास,एजी ऑफिस पुल के नीचे, जयेंद्र गंज, माधव नगर, संजय कॉम्पलेक्स,ढोबी बुआ का पुल, समाधिया कॉलोनी,सिटी सेंटर, लक्ष्मीबाई कॉलोनी,शब्दप्रताप आश्रम, ट्रांसपोर्ट नगर, रेलवे स्टेशन, डीडी मॉल, रॉक्सी पुल में पानी भर जाता है। यहां कई बार हादसे भी हो चुके हैं उसके बाद भी निगम की ओर से ड्रेनज नेटवर्क सुधार के लिए आज तक कोई इंतजाम नहीं किए है।

नालों निर्माण का काम आज भी अधूरा
निगम सीमा क्षेत्र में रानीपूरा नाले, आनंदपुर ट्रस्ट से लेकर मोतीझीलत तक, मेवाती नगर, आरआर टावर के पास, नेहरू कॉलोनी, घासमंडी, डीडी नगर क्षेत्र में काम अधूरा पड़ा हुआ है। इन क्षेत्रों में काम पूरा हो भी जाए तो भी पानी भरेगा,क्योकि यहां आने वाले पानी की तुलना में नालियों का साइज छोटा है।

ड्रेनेज सिस्टम की ये है बड़ी वजह
निगम सीमा क्षेत्र में 500 से अधिक जगह ड्रेनेज, पानी, स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए सडक़े व गलियां खोदी पड़ी हुई हैं। कई स्थानों पर तीन-चार साल से सडक़े जर्जर व खस्ताहाल में हैं। शहर में कही भी सही ढग़ से नाला की टेपिंग नहीं है और ना ही ड्रेनेज के लिए कोई इंतजाम है।

चैंबर व ड्रेनेज का सर्वे कराकर निगम करें कार्य
"शहर में ड्रेनेज वाटर सिस्टम सुधारने के लिए कहीं भी कोई इंतजाम नहीं है और ना ही निगम द्वारा प्लान बनाया जाता है। जहां ड्रेनेज सिस्टम खराब है उन पॉइंट को पहले चिह्नित किया जाए और सडक़ बनाने से पूर्व ड्रेनेज को सही करें, तभी सडक़ बनाई जाए। इससे सडक़ भी लंबी चलेगी और हर साल ड्रेनेज व सडक़ पर होने वाले करोड़ों रुपए का खर्चा भी बचेगा। ड्रेनेज के लिए लाइन डाले व मौरी बनाई जाए, क्योकि मौरी में ही बारिश का पानी जमा हो जाता है। चैंबर का सिस्टम सही नहीं होने से सडक़ पर आए दिन गड्ढे हो रहे हैं। निगम को चैंबर व ड्रेनेज का सर्वे कराकर उस पर कार्य करना चाहिए तभी ड्रेनेज की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी।"
डॉ एमआई दौलतानी, पूर्व अपर आयुक्त नगर निगम

"शहर में ड्रेनेज वाटर सिस्टम के लिए हम प्लानिंग कर रहे हैं। शहर के अधिकांश नाले-नालियों की सफाई बारिश से पूर्व ही करा दी जाती है, अभी कई नाले गंदगी से अटे पड़े हुए हैं उन्हें भी साफ कराया जा रहा है। जल्द से जल्द शहरवासियों को ड्रेनेज की समस्या से राहत दिलाई जाएगी।"
अवधेश कौरव, एमआईसी सदस्य स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबधंन विभाग

"ड्रेनेज सिस्टम सही बनाने के लिए सडक़ के लेवल व किनारे पर ही ड्रेनेज के इंतजाम किए जाए। सीवर व ड्रेनेज के चैंबर अलग-अलग नहीं होने से ड्रेनेज की समस्या हो रही है आयुक्त से चर्चा कर इसका प्लान तैयार कराकर निराकरण कराया जाएगा।"
जागेश श्रीवास्तव अधीक्षण यंत्री नगर निगम