
दूधराज : मादा से ज्यादा शर्मीला होता है नर पक्षी
पत्रिका बर्ड वॉच
ग्वालियर.
चिडिय़ों का चहचहाना और आसपास बसेरा बनाना कम होता जा रहा है। अब आसमान पर उड़ते परिंदों को नजदीक से देखना और उनको पहचानना मुश्किल हो रहा है। आमतौर पर अब इनसे अनजान ही रहते हैं। ग्वालियर के आसपास रहने वाले पक्षियों और यहां अलग-अलग मौसम में आने वाले कुछ प्रवासी पक्षियों को आपसे रूबरू कराने का प्रयास पत्रिका करने जा रहा है। इस प्रयास को सफल बना रहे हैं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बर्ड वॉचर संजय दत्त शर्मा। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को कॅरियर बनाने वाले शर्मा के कैमरे से ली गई तस्वीरों की श्रंखला आरंभ की जा रही है। इसमें आप न केवल इन पक्षियों की खूबसूरत तस्वीर देख सकेंगे, बल्कि उनके नाम और विशेषताओं को भी जान सकेंगे। साथ ही वह बताएंगे कि इस एक तस्वीर को लेने के लिए कितना धैर्य रखना होता है और किस तरह के प्रयासों के बाद पक्षियों की बेहतरीन तस्वीर को कैमरे के फ्रेम में उतारा जाता है।
इस अद्भुत श्रंखला में पहली तस्वीर पक्षी दूधराज की है। इस बात से बहुत कम लोग वाकिफ होंगे कि दूधराज को मध्यप्रदेश के राज्य पक्षी का दर्जा हासिल है। स्वभाव से बेहद शर्मीला दूधराज जंगल में छुपकर रहना पसंद करता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस पक्षी की तस्वीर प्रदेश के जंगल के बजाय जिम कार्बेट नेशनल पार्क से ली गई है। नर दूधराज सफेद रंग लिए हुए लंबी पूछ का होता है, वहीं मादा गहरे भूरे रंग की छोटी पूंछ वाली होती है। जैसा कि संजय दत्त शर्मा बताते हैं कि मादा पक्षी की तस्वीर लेने से ज्यादा मुश्किल नर की फोटो लेना होता है। दरअसल, नर पक्षी मादा के मुकाबले अधिक शर्मीला होता है। आमतौर पर यह पानी के आसपास या नमी वाले क्षेत्रों में अपना घरौंदा बनाता है।
Published on:
19 Mar 2020 01:10 pm
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