प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों ने लाखों रुपए खर्च कर डीमेट के जरिए अपने बेटे, बेटियों, परिजनों को डॉक्टर बनाया है। सीट खरीदने वालों में न्यायापालिका, प्रशासन और पुलिस के कुछ आला अफसर भी शामिल हैं। दूसरी ओर, इतने बड़े खुलासों के बावजूद इस फर्जीवाडे़ पर अब तक कानूनी कार्रवाई की शुरुआत नहीं हुई है। एसआईटी का कहना है डीमेट फर्जीवाडे़ में क्या करना है यह एसटीएफ तय करेगी। उपरीत को 11 जून तक रिमांड पर लिया गया है। उससे भोपाल में एसटीएफ पूछताछ करेगी।