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हर साल एक हजार करोड़ में बिकती थी डॉक्टरी

व्यापमं के साथ डीमेट में फर्जीवाड़ा भी उद्योग की तरह चला है। करीब 10 साल तक डीमेट को कॉर्डिनेट कर चुके योगेश उपरीत फर्जीवाड़े के सारे चिटठे एसआईटी के सामने खोल रहा है।

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Gwalior Online

Jun 07, 2015

Forgery in demat

Forgery in demat

ग्वालियर। व्यापमं के साथ डीमेट में फर्जीवाड़ा भी उद्योग की तरह चला है। करीब 10 साल तक डीमेट को कॉर्डिनेट कर चुके योगेश उपरीत फर्जीवाड़े के सारे चिटठे एसआईटी के सामने खोल रहा है। सूत्रों के अनुसार उपरीत ने बताया है कि पैसे के दम पर डॉक्टर बनाने का यह काला कारोबार सालाना करीब 1 हजार करोड़ का रहा है।

प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों ने लाखों रुपए खर्च कर डीमेट के जरिए अपने बेटे, बेटियों, परिजनों को डॉक्टर बनाया है। सीट खरीदने वालों में न्यायापालिका, प्रशासन और पुलिस के कुछ आला अफसर भी शामिल हैं। दूसरी ओर, इतने बड़े खुलासों के बावजूद इस फर्जीवाडे़ पर अब तक कानूनी कार्रवाई की शुरुआत नहीं हुई है। एसआईटी का कहना है डीमेट फर्जीवाडे़ में क्या करना है यह एसटीएफ तय करेगी। उपरीत को 11 जून तक रिमांड पर लिया गया है। उससे भोपाल में एसटीएफ पूछताछ करेगी।

मंहिद्रा के साथ चलाया गोरखधंधा

एसआईटी सूत्रों का कहना है, उपरीत और मंहिद्रा को सामने बैठा कर की गई पूछताछ में सामने आया कि डीमेट में एक्जाम (परीक्षा) की शुरुआत हुई तब उपरीत कॉर्डिनेटर था। महिंद्रा को व्यापमं की तरह रासा शीट, परीक्षा में रोल नंबर के आधार पर सिटिंग और परीक्षा फॉर्म तैयार कराने की जिम्मेदारी थी। जिस कंपनी ने दस्तावेज तैयार करने का काम किया मंहिद्रा उसमें पार्टनर था। महिंद्रा को शुक्रवार रात पूछताछ पूरी होने पर भोपाल वापस भेजा गया है।

शहर में डेरा

जबलपुर निवासी योगेश उपरीत उपरीत के पकडे़ जाने पर कई निजी कॉलेज के संचालकों ने ग्वालियर में डेरा डाल दिया है। शहर के कई बडे़ होटल्स के सुईट काले कारोबार से जुडे लोगों के नाम बुक बताए जा रहे हैं। शहर में इन लोगों के डेरे की वजह उपरीत को मुंह बंद रखने की सलाह देना हो सकता है। एसआईटी सूत्रों का कहना है इंदौर के निजी मेडिकल कॉलेज संचालक की लोकेशन शहर में मिली है। उपरीत को अदालत में पेश करने के दौरान भी वह वहां मौजूद रहा है। उसके कॉलेज में कई रसूखदारों के बेटे, बेटियों ने पीएमटी और प्रीपीजी में डीमेट के जरिए दाखिले लिए हैं उनकी जानकारी उपरीत को है।

11 तक रिमांड पर

एसआईटी ने उपरीत को 11 जून तक रिमांड पर लिया है। सूत्रों का कहना है एसटीएफ भी उससे पूछताछ करेगी। उसे भोपाल भेजा जाएगा।

तीन दिन बाद भी एफआईआर नहीं

आरोपी योगेश उपरीत ने डीमेट फर्जीवाडे़ के लगभग सभी तरीके एसआईटी को बता दिए हैं। 3 दिन से वह पुलिस हिरासत में है, लेकिन निजी मेडिकल कॉलेज के गोरखधंधे पर कार्रवाई की शुरूआत नहीं हो सकी है। सूत्रों का कहना है निजी कॉलेज में फर्जीवाड़ा करने वाले अमीर और रसूखदार हैं। सत्ता और प्रशासन के लिंक रखने वालों के बेटे बेटी भी इसमें उलझेंगे इसलिए उपरीत की गिरफ्तारी के तीन दिन बाद भी डीमेट फर्जीवाड़े पर एसटीएफ चुप है।