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खाद नहीं मिलने पर किसान गुस्साए, किया प्रदर्शन

अफसरों ने थमाया पुराना खाद, किसान बोले नया खाद चाहिए

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ग्वालियर. यूरिया व डीएपी खाद को लेकर भितरवार व डबरा में किसानों की नाराजगी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। भितरवार में किसानों को गोदाम से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। अधिकारी मनमाने दाम वसूल रहे हैं। वहीं डबरा में तीन साल पुराना खाद को अधिकारी किसानों को थमा रहे हैं। किसान इस खाद को नहीं लेकर बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीद रहे हैं। अफसरों का कहना है कि जब गोदाम में रखा हुआ खाद बंट नहीं जाता तब तक खाद का नया कोटा नहीं मंगाया जाएगा।


भितरवार में तीन दिन खाद वितरण के बाद शुक्रवार को खाद खत्म हो गया। सरकारी गोदाम पर ताला पड़ गया, जिससे एक दर्जन से अधिक किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। यहां मप्र सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा गोदाम से खाद का वितरण किया जा रहा था। किसानों की भीड़ खाद के लिए उमड़ रही थी। किसानों का आरोप था कि संघ की ओर से उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही खाद की सरकारी रेट 295 प्रति बैग से ज्यादा वसूल की जा रह ीहै। इस पर किसान गोदाम पर हंगामा भी कर रहे थे। खाद की किल्लत के चलते बाजार में खाद विक्रेताओं ने मौके का फायदा उठाते हुए खाद के दाम बढ़ा दिए हैं। प्रति कट्टा 320 से लेकर 360 तक बेचा जा रहा है। प्रशासन इन विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

12 गांवों के किसान लौटे
भितरवार में शुक्रवार को सुबह 11 बजे जब दूर-दराज से आए किसान खाद लेने पहुंचे तो गोदाम पर ताला पड़ा मिला। गोदाम पर मौजूद कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि खाद खत्म हो गया है। इसके बाद भी किसान गोदाम पर डटे रहे। दोपहर तक करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की भीड़ खाद लेने पहुंच चुकी थी। किसानों का आरोप था कि खाद खत्म नहीं हुआ है जानबूझकर उन्हें नहीं दिया जा रहा है। इस बात से किसानों में रोष भी देखा गया। जब तीन बजे तक किसानों को खाद नहीं मिला तो कईकिसान निराश होकर गांव लौट गए जबकि कुछ किसान जिन्हें खाद की सख्त आवश्यकता थी वे बाजार में खाद लेने पहुंचे तो उन्हें महंगी खाद खरीदना पड़ी।


पुराने स्टॉक को खपाने की कोशिश, नहीं मंगाया नया खाद

डबरा में मार्फेंड के गोदाम में तीन साल पुराना 28 00 टन यूरिया, डीएपी खाद भरा पड़ा है। जिसके चलते नया खाद नहीं मंगाया गया है इसी खाद को खपाने की कोशिश जारी है। जबकि किसानों का आरोप है कि इस खाद की गुणवत्ता खत्म हो चुकी है ऐसे भी उनकी फसल खराब हो सकती है जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा इसलिए वे बाजार से मजबूरी में महंगे दाम पर खाद खरीद रहे हैं।


सोसाइटियों से नहीं हो रहा वितरण

डबरा ब्लॉक में करीब 22 सोसायटियां हैं इसमें से ज्यादातर सोसायटियां ओवरड्यू हैं जिसके चलते मार्फेड ने इन सोसायटियों को खाद नहीं दिया है इस कारण इन सोसायटियों से किसानों को खाद नहीं बंट रहा है। यही बजह है कि पिछले दो सालों में भी सोसायटियों से खाद का वितरण न होने से गोदाम में खाद भरा होकर खराब हो गया है। छीमक सोसायटी में खाद न मिलने से वहां के किसानों में आक्रोशित हंै। इसी प्रकार पिछोर, टेकनपुर, चीनोर आदि जगह की सोसायटियों में भी खाद का वितरण नहीं हो रहा है।

ये बोले अफसर
पुराना खाद होने के कारण नया खाद नहीं मंगाया गया है। मार्फेड के गोदाम में खाद पर्याप्त मात्रा में है। कृषि विभाग के दो कर्मचारियों की वितरण के लिए ड्यूटी लगाईगईहै।
बीके मिश्रा,एसएडीओ, कृषि विभाग डबरा

तीन दिन पहले 152 टन यूरिया खाद आया था। जो किसानों को बंाटने के कारण खत्म हो गया है। दूसरी रैक कल आने वाली है। इसके आने के बाद किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सकेगा। खाद की कमी किसी प्रकार से नहीं आएगी।
महेन्द्र मिश्रा, गोदाम प्रभारी भितरवार

मैं स्वयं कल सहकारी विपणन संघ के गोदाम का निरीक्षण करने जाऊंगा। अगर खाद होने के बाद भी नहीं बांटा गया है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाईकी जाएगी।
गुलाब सिंह बघेल, तहसीलदार भितरवार