ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान में सफेद टाइगर के शावक को किडनी में संक्रमण बताया गया है। जबलपुर व दिल्ली से आई डॉक्टरों की टीम उसका लगातार उपचार कर रही है। शावक को हर दिन तीन ड्रिप लगाई जा रही है और शनिवार को उसकी दवाई भी बदली गई।
चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव ने बताया शावक सॉलिड फूड नहीं खा रहा है। शनिवार शाम को उसे उबले हुए अंडे भी दिए गए, लेकिन उसने नहीं खाए। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि यदि वह सॉलिड फूड खाएगा तो उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी दिखाई देगा। डॉक्टरों की टीम ने शावक के ब्लड सैंपल शनिवार को भी जांच के लिए एकत्र किए, ताकि किसी प्रकार की और अंदरूनी बीमारी का पता लगाया जा सके। वहीं उसे ड्रिप भी लगाई गई।
डॉक्टरों की टीम जब तक शावक ठीक नहीं होता यही ग्वालियर में ही रहेगी। बता दें कि गांधी प्राणी उद्यान में 20 अप्रैल 2023 को मादा टाइगर मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया था। जिनमें एक सफेद और दो पीले शावक शामिल थे।
लेकिन 21 सितंबर 2023 को पीली मादा टाइगर शावक की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो चुकी है। उसके बाद से ही दूसरा शावक सुस्त रहने लगा था व लगातार वजन भी कम हो रहा है व खाना पीना भी कम कर दिया है। यह शावक पांच महीने से अधिक का है। चिडिय़ाघर में अभी कुल 9 टाइगर बचे हैं। जिनमें चार शावक और 5 वयस्क होने के साथ 5 मेल और 4 फीमेल है।
शावक कमजोर हो रहा था इसलिए जबलपुर से टीम बुलाई
बुधवार को शावक को खाना दिया गया तो उसने नहीं खाया। वह कमजोर भी हो रहा था, इसलिए जबलपुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाने के लिए पत्र भेजा गया। टीम दोपहर में चिड़ियाघर पहुंची और शावक का इलाज शुरू किया। अभी स्थिति गंभीर है, इलाज जारी है।