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अपने सबसे प्रिय शख्स को क्या बोलती थी अजित पवार के प्लेन की पायलट, केप्टन शांभवी के भावुक पल किए याद

Shambhavi pathak-

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Shambhavi pathak- बारामती में ​विमान हादसे (Baramati Plane Crash) में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का देहांत हो गया। विमान की पायलट कैप्टन शांभवी पाठक की भी दुर्घटना में मौत हो गई। उनका एमपी के ग्वालियर से गहरा जुड़ाव था। शांभवी पाठक का जन्म भी यहीं हुआ था और उनका बचपन भी यहीं बीता। शांभवी, ग्वालियर के बसंत विहार में रहनेवाली अपनी दादी मीरा पाठक से बहुत प्यार करती थीं। अपनी इस प्रिय शख्स को वे Dadda बोलती थीं। दादी भी अपनी प्यारी भतीजी को चीनी कहती थीं। शांभवी की यूं असामयिक मौत पर दादी मीरा पाठक बार बार बिलख उठती हैं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस चार्टर्ड प्लेन में सवार थे उसे ग्वालियर की रहने वाली शांभवी पाठक उड़ा रही थी। उनके पिता विक्रम पाठक वायुसेना अधिकारी थे। वे स्क्वाड्रन लीडर के रूप में मिराज फाइटर प्लेन उड़ाते थे। ऐसे में शांभवी ने भी प्रोफेशनल पायलट बनने का सपना देखा और इसे पूरा भी किया। दुर्भाग्य से 28 जनवरी को उनके जीवन की उड़ान ही थम गई।

लियर एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल में पढ़ाई

शांभवी पाठक ने सन 2006 में ग्वालियर एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल में पढ़ाई शुरू की थी। पिता को जेट उड़ाते देख बचपन से वे भी पायलट बनने का सपना देखने लगीं थीं। पिता 2016 में ग्रुप कैप्टन बनकर दोबारा ग्वालियर के वायुसेना बेस सेंटर आए तब शांभवी ने फिर यहां एडमिशन लिया। ग्वालियर से ही हाईस्कूल किया और इसके बाद मुंबई चली गईं।

दादी मीरा पाठक से शांभवी को बचपन से लगाव था

दादी मीरा पाठक से शांभवी को बचपन से लगाव था जोकि आज तक बना रहा। वे उन्हें प्यार से Dadda बोलती थीं।
हादसे में शांभवी पाठक की मौत की खबर सुनने के बाद दादी मीरा पाठक का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। उनके आंसू थम ही नहीं रहे हैं। मीरा पाठक के मुताबिक शांभवी उनके दिल के सबसे करीब थी। काम में अत्यधिक व्यस्तता की वजह से ज्यादा बात नहीं कर पाती तो मैसेज कर दिया करती थी।