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गंगा दशहरा : दान-पुण्य के साथ की गई मोक्षदायिनी की आराधना

- मंदिरों सहित अन्य जगहों पर हुए कई कार्यक्रम, लोगों ने सुराही-पंखे के साथ बांटा सत्तू, जगह-जगह हुआ शरबत वितरण

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गंगा दशहरा : दान-पुण्य के साथ की गई मोक्षदायिनी की आराधना

गंगा दशहरा : दान-पुण्य के साथ की गई मोक्षदायिनी की आराधना

ग्वालियर. ज्येष्ठ मास की दशमी तिथि पर मंगलवार को गंगा दशहरा और गायत्री जयंती एक साथ मनाई गई। गंगा दशहरा पर घरों में जहां लोगों ने सुबह गंगाजल मिलाकर स्नान किया। वहीं शहर के गंगा मंदिरों में पहुंचकर दर्शन कर सत्तू, खरबूज, आम, हाथ का पंखा, मटकी आदि का दान-पुण्य किया। गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में अचलेश्वर महादेव मंदिर पर गर्भगृह में पानी भरा गया है, श्रद्धालुओं ने इसके दर्शन कर कुंड में जल व दूध अर्पित किया। इसके साथ ही कई जगहों पर शरबत वितरण भी किया गया।

ये हुए कार्यक्रम
- भाऊ का बाजार स्थित 125 साल पुराने गंगा मंदिर में सुबह मां गंगा मैया की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर विश्व शांति और अंचल में अच्छी बारिश की कामना को लेकर गंगा मैया से प्रार्थना की गई।
- छत्री बाजार स्थित मां गंगा के मंदिर में गंगा दशहरा के अवसर पर प्रतिमा का विशेष शृंगार किया गया। यहां सुबह से दर्शन के लिए श्रद्धालुओंं की भीड़ लगी हुई थी।
- राम मंदिर का 71वा स्थापना दिवस मंगलवार को मनाया गया। इस उपलक्ष्य में मंदिर में शाम को सुंदरकांड पाठ के बाद बैंड-बाजे के साथ गंगा मैय्या की 108 दीपों से महाआरती की गई। तत्पश्चात भंडारा प्रसादी में पूड़ी-सब्जी और सत्तू का वितरण किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष रामनिवास अग्रवाल, महामंत्री गोविंद प्रसाद बंसल, दीपक मंगल, दीपक जैन आदि मौजूद थे।
- सनातन धर्म मंदिर में मंगला आरती के बाद भगवान चक्रधर एवं गिरिराज धरण का गंगाजल से अभिषेक कर शृंगार किया गया। इस अवसर पर भगवान चक्रधर के चरणों से गंगाजी प्रकट हुईं। इस झांकी के दर्शन भक्तों ने रात्रि 9 बजे तक किए। गर्भगृह में स्थित सरोवर में गंगा प्रकट हुईं, जिसमें लड्डू गोपाल नौका विहार कर रहे थे। शाम को गंगा जी की आरती के बाद सरोवर में श्रद्धालुओं ने दीपदान किया। सत्तू का भोग ठाकुर जी को अर्पित करने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।

पांच कुंडीय महायज्ञ के साथ गायत्री पद्धति से हुआ विवाह
गायत्री जयंती के उपलक्ष्य में गायत्री परिवार की ओर से कार्यक्रम किए गए। गायत्री शक्तिपीठ, तानसेन नगर में सुबह पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार हुए। दोपहर में केआरजी कॉलेज की प्राध्यापक कविता अग्रवाल के बेटे का विवाह संस्कार गायत्री पद्धति से संपन्न कराया गया। वहीं शाम को गायत्री दीप महायज्ञ हुआ। अखिल विश्व गायत्री परिवार ट्रस्ट गायत्री प्रज्ञापीठ, कंपू की ओर से सुबह अखंड जाप, गायत्री यज्ञ एवं गायत्री माता का पूजन किया गया। इसी तरह से पिंटो पार्क, गायत्री चेतना केंद्र पर सुबह पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ और शाम अखंड जाप पांच कुंडीय महायज्ञ हुआ।

जमकर बिके सत्तू, आम व खरबूजा
श्रद्धालुओं ने गंगा दशहरा पर शहर के मंदिरों में सत्तू, खरबूजा, आम, तरबूज, हाथ का पंखा, मटकी-सुराही दान में दीं। इस कारण से इनकी दुकानों पर भीड़ रही एवं जमकर खरीदारी हुई। इनके भाव भी आम दिनों से बढक़र रहे।