
ग्वालियर. लंपी वायरस शहर के गोवंश के लिए चिंता का कारण बन गया है। पीड़ित गाय सड़कों पर कराह रही हैं, लेकिन प्रशासन को उनकी पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है। यही कारण है कि हर रोज पीड़ित संदिग्ध गायों का आंकड़ा दर्शाकर इतिश्री की जा रही है। जिम्मेदारों की इस बेरुखी और उदासीनता से स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में पीड़ित गायों को बचाने और उनकी देखरेख के लिए कुछ गो रक्षकों की टीम आगे आई है। करीब एक महीने से गो रक्षकों का यह दल हर रोज सुबह-शाम चार-चार घंटे इन गायों की सेवा कर रहा है। कई गाय गो रक्षकों की सेवा से ठीक भी हो चुकी हैं। दल में शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यापारी, चिकित्सक, युवा और बच्चों की टीम लंपी पीड़ित गायों का दर्द दूर करने में जुटी है। इस दल ने एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें शहर के लोग लंपी वायरस से पीड़ित गायों की जानकारी देते हैं, जिस पर गो रक्षकों की टीमें वहां पहुंचकर गायों का इलाज और सेवा करती है। दल के सदस्य चार-चार लोगों की टोलियों में शहर के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचते हैं। गो रक्षकों की सेवा को देखते हुए अब शहरवासी भी इनसे जुड़ रहे हैं।
घर के कमरे में बनाया अस्पताल
गो रक्षक बृजेश नागर ने बताया कि लंपी बीमारी को देखते हुए हमने 12 अक्टूबर से गायों की सेवा का बीड़ा उठाया है। धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए। घर के एक कमरे में ही होम्योपैथी दवाएं, बिस्किट, टोस्ट, आदि रखे जा रहे हैं। गायों को देने रोटियां घर-घर से एकत्रित की जा रही हैं। फूलबाग गुरुद्वारा प्रबंधन भी इसमें हमारी मदद कर रहा है।
सड़कों पर पता लग रही हकीकत
गो रक्षकों के समूह से जुड़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर पीयूष अग्रवाल ने बताया कि वह दिन में ऑनलाइन अपना काम करते हैं और सुबह-शाम गायों की सेवा करने जाते हैं। उनका कहना है, लंपी से ग्रस्त गायों की हकीकत तो शहर की सड़कों पर दिख रही है। पता नहीं क्यों प्रशासन को ये नहीं दिख रहा है। इस समूह में सबसे कम उम्र 10 वर्ष के सार्थक अग्रवाल का कहना है कि स्कूल से आते ही मुझे गायों की सेवा करना अच्छा लगता है। बिजनेसमैन रूपल जैन और रीनू सेठी ने कहा कि लंपी से पीड़ित गायों की सेवा कर मन को सुख मिल रहा है।
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नगर निगम की केदारपुर स्थित लैंडफिल साइट पर बने गायों की लाशों के पहाड़ और कंकालों को लेकर शुक्रवार को नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान हिंदू सेना ने जमकर हंगामा किया था। हिंदू सेना ने नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल को चेतावनी पत्र थमाते हुए दो दिन के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कहा था, निगमायुक्त ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। दो दिन बीतने के बाद भी निगमायुक्त ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि चेतावनी पत्र देने के बाद भी निगम अमला लैंडफिल साइट नहीं गया। जब हमारे कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो हालात पहले जैसे दिखाई दिए। ऐसे में लग रहा है कि निगम के खिलाफ जनता के साथ सड़कों पर उतरना पड़ेगा। हमें सूचना मिली थी कि खासगी बाजार में दो गाय मरने की कगार पर हैं, इसके लिए निगम अमले को फोन करने पर भी कोई न
Published on:
07 Nov 2022 10:36 pm

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