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जानें क्या है मामला… राहगीरों को डराने बनते थे भूत, करते थे वीडियो शूट

बदमाशों लोगों से फ्रॉड करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिसके लिए हाई टेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ग्वालियर

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Rajesh Shrivastava

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Updated: 28 Jan 2022, 7:28 PM IST

जानें क्या है मामला... राहगीरों को डराने बनते थे भूत, करते थे वीडियो शूट

जानें क्या है मामला... राहगीरों को डराने बनते थे भूत, करते थे वीडियो शूट

ग्वालियर. शिवपुरी शहर के देहात थाना अंतर्गत बीती रात तीन युवक भूत बनकर राहगीरों को डरा रहे थे और उसका चोरी-छिपे वीडियो शूट कर रहे थे। एक बाइक सवार ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उसके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद पीडि़त ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर से पुलिस ने तीनों आरोपियों पर मामाल दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक पीडि़त मदन (45) पुत्र हरिचरण राठौर निवासी जवाहर कालोनी शिवपुरी ने बीते रोज पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 25 जनवरी को वह अपनी बाइक से दोनों लडकों जय व हेमन्त को लेकर घर से लकी गार्डन शादी में शामिल होने जा रहा था। रात 9 बजे करीब मीर गार्डन के सामने पहुंचा तभी सामने रोड पर कुछ लडक़े खड़े थे, जिनमें से तीन लडके जुनैद खान, गोलू खान तथा बॉबी खान निवासी स्टेडियम रोड मेरी बाइक के सामने आ गए। इनमें से एक लडक़ा आगे नकली बाल लगाए काले कपडे पहने था।

मैंने जब उनसे कहा कि इस तरह की हरकत क्यों कर रहे हो तो उन्होंने गाली-गलौंज की। जब गाली देने से मना किया तो तीनों ने मेरे लडक़े जय व हेमन्त राठौर की लात घूसों से मारपीट की और धमकी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर तीनों आरोपियों पर केस दर्ज किया है।

ऐसा ना करें - आजकल मोबाइल पर वीडियो शूट करने का सोशल-मीडिया पर डालने का ट्रेंड बन गया है। जिसके लिए कई लोग गलत तरीकों का इस्तेमाल भी करते हैं। जिससे वह क्राइम के श्रेणी में आ जाता है और मामला पुलिस तक पहुंच जाता है जिससे बच्चों का कैरियर तक खराब हो जाता है। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों, ई-मेल, चैट वगैरह के जरिए बच्चों या महिलाओं को तंग करने के मामले जब-तब सामने आते रहते हैं। डिजिटल जरिए से किसी को अश्लील या धमकाने वाले संदेश भेजना या किसी भी रूप में परेशान करना साइबर क्राइम के दायरे में आता है। किसी के खिलाफ दुर्भावना से अफवाहें फैलाना (जैसा कि पूर्वोत्तर के लोगों के मामले में हुआ), नफरत फैलाना या बदनाम करना।

कानून
- आईटी (संशोधन) कानून २००९ की धारा ६६ (ए)
सजा: तीन साल तक की जेल और/या जुर्माना

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