26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मां की गोद से जमीन पर गिरी मासूम,पीछे से आ रही बस ने ले ली जान

मां की गोद से जमीन पर गिरी मासूम,पीछे से आ रही बस ने ले ली जान
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

monu sahu

•

Updated: 24 Jul 2018, 6:09 PM IST

road aciident

मां की गोद से जमीन पर गिरी मासूम,पीछे से आ रही बस ने ले ली जान

ग्वालियर। डबरा-भितरवार रोड पर सुबह एक बस ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक पर मां की गोद में बैठी तीन माह की मासूम बालिका की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी मां को गंभीर हालत में ग्वालियर रैफर किया गया है। वहीं पिता का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपाचार चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बच्ची के शव को परिजन के सुपुर्दकर दिया। टक्कर मारकर चालक बस भगा ले गया जिसे पुलिस ने नाकाबंदी करके बस समेत पकड़ लिया। बागवई के संजयनगर निवासी मनोज जाटव (27) वर्ष रविवार को अपनी पत्नी संगीता जाटव(25) वर्ष और तीन माह की बच्ची नंदनी के साथ बाइक पर सवार होकर खड़बई डबरा ससुराल गए थे।

सोमवार की सुबह वे ससुराल से वापस अपने गांव के लिए रवाना हुए। जब वे बाइक से साढ़े नौ बजे के करीब करियावटी के निकट आए तभी करैरा की ओर से तेज गति से आ रही शीतला बस ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्ची नंदनी मां की गोद से छिटककर दूर जमीन पर जा गिरी और साइड से बस की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मनोज उसकी पत्नी संगीता घायल हो गई।

घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ लग गई। किसी ने पुलिस को सूचना कर दी। जानकारी मिलते ही भितरवार पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीओपी निवेदिता गुप्ता ने बताया कि टक्कर मारने के बाद चालक बस को दौड़ा ले गया। पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर बस को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। बस को डबरा देहात थाना परिसर में लाकर रखवाया गया है।

पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल से घायल मनोज उसकी पत्नी संगीता और मृत बच्ची नंदनी के शव को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। जहां संगीता की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रैफर कर दिया। वहीं मनोज का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने बच्ची का पोस्टमार्टम कराने के बाद अस्पताल पहुंचे उसके परिजन को शव सौंप दिया।

घायल मां बार-बार पूछ रही बेटी को
मनोज के बेटा नहीं है चार बच्चियों में सबसे छोटी थी नंदनी। मनोज मजदूरी करता है। घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को जब भी होश आता उसे अपनी चिंता नहीं थी बल्कि वह बार-बार अपनी बच्ची के बारे में पूछ रही थी और उससे मिलने की जिद कर रही थी लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी बच्ची इस दुनिया नहीं है। संगीता के सिर में गंभीर चोटें आई है।