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कटनी. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटनी रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्य जारी हैं। इसी क्रम में प्लेटफार्म क्रमांक 5 से 2 तक को जोडऩे वाले 12 मीटर चौड़े नए फुओवर ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस ब्रिज से यात्रियों को भविष्य में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य यात्रियों के लिए जोखिम और असुविधा का कारण बन गया है।
प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर पार्सल कार्यालय के ठीक सामने ब्रिज के पिलर के लिए भारी-भरकम गड्ढा खोदा गया था। पिलर का बेस तैयार करने के बाद गड्ढे को भरवा तो दिया गया है लेकिन सही तरीके से फिलिंग न करने के कारण आसपास का प्लेटफार्म हिस्सा धंस गया। प्लेटफार्म धंसने की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हडक़ंप मच गया और रातोंरात सीमेंट व स्टोन डस्ट से भराव कर स्थिति संभालने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके फर्श पूरी तरह समतल नहीं हो सका है। कई जगह टाइल्स ऊपर उठ गई हैं और सतह असमान हो गई है, जिससे यात्रियों के फिसलने या ठोकर लगने का खतरा बना हुआ है।
यहां ट्रेन आने के दौरान हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। ट्रेन खड़ी होने के बाद प्रभावित हिस्से में यात्रियों के निकलने के लिए बेहद कम जगह बचती है। कई बार महज दो फीट की संकरी पट्टी में ही लोगों को लगेज के साथ निकलना पड़ता है। ऐसे में बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों के लिए स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है। जल्दबाजी में चढऩे-उतरने के दौरान गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
जहां पिलर के लिए सीमेंट का बेस बनाया गया है, उस हिस्से को पूरी तरह कवर या सुरक्षित नहीं किया गया है। पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक भी नजर नहीं आते। खुदाई से निकली मिट्टी को हटा तो दिया गया है लेकिन स्टोन डस्ट के कारण धूल और फिसलन की समस्या बढ़ी। यात्रियों का कहना है कि सुविधा के नाम पर फिलहाल उन्हें खतरा झेलना पड़ रहा है।
कटनी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 72 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 17 हजार यात्री रोजाना यहां से यात्रा करते हैं। पुराने फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई कम होने के कारण मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के एक साथ लगने पर भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। कई बार ब्रिज पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और भगदड़ की आशंका भी बनी रहती है। इसी समस्या के समाधान के लिए नया 12 मीटर चौड़ा ब्रिज स्वीकृत किया गया है, जो सभी प्लेटफार्म को आपस में जोड़ेगा और यात्री दबाव को संतुलित करेगा।
मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर भी 20 करोड़ रुपए की लागत से 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। वहां से प्रतिदिन 34 जोड़ी ट्रेनों में करीब 14 हजार यात्री सफर करते हैं। वहां भी शुरुआती खुदाई कार्य के दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौड़ा ब्रिज समय की जरूरत है, लेकिन निर्माण कार्य में सावधानी और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर जहां पिलर के लिए खुदाई हुई है उसके आसपास का हिस्सा धसक गया है। गति शक्ति यूनिट द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है, संबंधित अधिकारी को सूचना दी गई थी। सुधारकार्य करवाया गया है।
Published on:
17 Feb 2026 09:18 am
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