21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाविद्यालय में लगे शिविर में बने 133 ड्राइविंग लाइसेंस, इनमें 106 छात्राओं ने बनवाए

-शिविर को लेकर छात्रों से छात्राओं ने दिखाई रुचि

2 min read
Google source verification
महाविद्यालय में लगे शिविर में बने 133 ड्राइविंग लाइसेंस, इनमें 106 छात्राओं ने बनवाए

महाविद्यालय में लगे शिविर में बने 133 ड्राइविंग लाइसेंस, इनमें 106 छात्राओं ने बनवाए

श्योपुर। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में बुधवार को ड्राइविंग लाइसेंस शिविर लगा। शिविर में 133 छात्र-छात्राओं के लाइसेंस बने। इनमें 106 लाइसेंस छात्राओं के शामिल हैं। लाइसेंस वितरित करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग के साथ ही लाइसेंस का होना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए छात्राओं ने छात्रों से ज्यादा रुचि दिखाई है। यह जागरूकता को लेकर अच्छे संकेत हैं। शिविर में कलेक्टर के अलावा विजयपुर विधायक सीताराम आदिवासी, जिपं अध्यक्ष गुड्डी बाई, नपाध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र जाट, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कैलाश नारायण गुप्ता, रामलखन नापाखेड़ली, नपा उपाध्यक्ष संजय महाना, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष मनोज सर्राफ, जिपं सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर, प्रो. ओपी शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।


विभाग ने लगाए थे सात कंप्यूटर
कॉलेज में कैंप के लिए परिवहन विभाग ने सात कंप्यूटर लगाए थे। इनको ऑपरेट करने में विभाग के कर्मचारियों को छात्रों ने भी सहयोग किया। तत्काल आवेदन करनेे के लिए महाविद्यालय के डॉ सीमा चौकसे, महैंद्र कै थवास, दीपक शर्मा, संजय राठौर, पूजा पांडे, नितिन कारपेंटर, अलंकृता साकेत, आरती भदौरिया, वनमाला, अंजलि डंडोतिया, मनु भदौरिया ने छात्र-छात्राओं का सहयोग किया। कंप्यूटर के जरिये ही ड्राइविंग टैस्ट लिया गया। इसमें सफल रहे छात्र-छात्राओं को तत्काल स्वीकृति दे दी गई।


लाइसेंस के साथ निकलवाए फोटो
ड्राइविंग लाइसेंस मिलने के बाद छात्राओं ने लाइसेंस के साथ फोटो निकलवाकर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे भी वाहन चलाने में सक्षम हैं। हमें अपनी जिम्मेदारी का अहसास है इसलिए पूरी सजगता से गाड़ी चलाएंगे। जैदा की छात्रा मधु सुमन, बड़ौदा की रजनी मित्तल ने कहा कि उन्होंने पहले भी आवेदन किया था, लेकिन तब लाइसेंस नहीं बना। इस बार बिना किसी शुल्क के लाइसेंस बनने अच्छा लग रहा है। बीए द्वितीय वर्ष छात्रा निकिता जांगिड, छात्र बंटी जाट, सोंठवा के मनोज सुमन ने कहा कि अब वे अपनी गाड़ी से गांव जा सकेंगे।