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सरकार की शराब से 38 प्रतिशत अधिक कमाई… सिंडीकेट की मोनोपॉली टूटी

ग्वालियर जिले की 112 शराब दुकानों में से 45 की नीलामी हो गई। इन्हें 38 फीसदी अधिक दर पर 17 समूहों ने लिया है। इसमें खास बात यह रही कि सिंडीकेट के हाथ से कई...

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सरकार की शराब से 38 प्रतिशत अधिक कमाई... सिंडीकेट की मोनोपॉली टूटी

ग्वालियर . ग्वालियर जिले की 112 शराब दुकानों में से 45 की नीलामी हो गई। इन्हें 38 फीसदी अधिक दर पर 17 समूहों ने लिया है। इसमें खास बात यह रही कि सिंडीकेट के हाथ से कई दुकानें निकल गईं। आबकारी विभाग मान रहा है कि वह नई शराब नीति के तहत ठेकेदारों की मोनोपॉली तोडऩे में कामयाब रहा।
आबकारी विभाग के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष-2022-23 के लिए ग्वालियर जिले में 17 समूहों ने 47 टेंडर डाले थे। मंगलवार को इन्हें कलेक्टर कार्यालय में जिला समिति के सामने खोला गया। शेष दुकानों के लिए अगले चरण में ई-टेंडर डाले जाएंगे। बता दें कि ग्वालियर जिले की 112 दुकानों के लिए शासन ने आरक्षित मूल्य करीब 451 करोड़ रुपए रखा था।

हुरावली दुकान इस बार गई 80 फीसदी अधिक दर पर
माना जा रहा था कि शहर की मुख्य क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों के ठेके नहीं होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले चरण में फूलबाग, सीपी कॉलोनी, जिंसी नाला, नया बाजार, हेम सिंह की परेड, चंदवदनी नाका, हुरावली आदि दुकानों की नीलामी हो गई। जिसमें हुरावली स्थित दुकान पिछले वर्ष की मुकाबले इस बार 80 फीसदी अधिक दाम में बिकी।

आरक्षित मूल्य और पिछले साल के मुकाबले ज्यादा
पहले चरण में 17 समूहों ने 47 दुकानों के लिए टेंडर डाले, जिनका आरक्षित मूल्य 1 अरब 63 करोड़ 27 लाख 84 हजार 130 रुपए यानी लगभग 36.25 प्रतिशत अधिक रखा गया था। नीलामी 1 अरब 87 करोड़ 98 लाख 8 हजार 594 रुपए में दुकानों की नीलामी हुई, जो निर्धारित आरक्षित मूल्य से 15.13 फीसदी अधिक है। जबकि गत वर्ष के राजस्व 1 अरब 36 करोड़ 33 लाख 60 हजार 371 रुपए के मुकाबले 1 अरब 87 करोड़ 98 लाख 8 हजार 594 की राशि प्राप्त हुई जो वर्ष 21-22 के वार्षिक मूल्य से 38 फीसदी अधिक है।

नए ठेकेदारों ने बिगाड़ा सिंडीकेट का गणित
इस बार आबकारी नीति में बदलाव कर टुकड़ों में नीलामी की गई, इससे बड़े सिडिकेंट की मोनोपॉली टूट गई। 17 समूहों में सिर्फ एक-दो पुराने ठेकेदार आए। उनको उम्मीद थी कि नए ठेकेदार आएंगे नहीं और अगले चरण में न्यूनतम रेट में दुकानें खरीद लेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और सभी नए ठेकेदारों ने शहर की मुख्य दुकानों को लाइसेंस ले लिए। आबकारी विभाग इस गणित को समझ गया था और उसने पहले ही नए ठेकेदारों को शामिल करने की व्यवस्था कर ली थी। इस बार सोमग्रुप, भोपाल और अन्य शहरों से ई-टेंडर में हिस्सा लिया।


टेंडर कार्यवाही में ये रहे मौजूद
समूहों के निष्पादन की कार्यवाही में कलेक्टर कोशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी, अपर कलेक्टर विनोद भार्गव, संभागीय उपायुक्त नरेश कुमार चौबे व सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा उपस्थित थे।


ज्यादा राजस्व हासिल हुआ
वर्ष 22-23 के लिए शराब दुकानों की नीलामी में शासन को उम्मीद से ज्यादा राजस्व हासिल हुआ है। पुराने ठेकेदारों की मोनोपॉली तोडऩे में कामयाब रहे और नए ठेकेदारों ने भागीदारी की है। शेष दुकानों का निष्पादन आगामी दिनों में किया जाएगा।
संदीप शर्मा,सहायक आबकारी आयुक्त ग्वालियर जिला

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