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बिना परमिशन के ग्रीन बेल्ट एरिया व नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे खोले जा रहे होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट

नगर निगम और टीएडंसीसी के अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई

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बिना परमिशन के ग्रीन बेल्ट एरिया व नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे खोले जा रहे होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट

बिना परमिशन के ग्रीन बेल्ट एरिया व नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे खोले जा रहे होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट

ग्वालियर। नगर निगम सीमा क्षेत्र से सटे नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे धडल्ले से होटल, रेस्टोंरेंट व ढाबा खोले जा रहे हंै। स्थिति यह है कि इनकी संख्या दिनों दिनों बढ़ती ही जा रही है और जिम्मेदार अफसर मौन बने हुए है। खास बात यह है कि रायरू से निकलकर सिकरौदा चौराह तक ग्रीन बेल्ट होने के बाद भी यहां मनमाने तरीके से होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट खोले जा रहे हैं। साथ ही अन्य स्थानों पर होटल खोले जा रहे है और इनके संचालकों ने अब तक न तो नगर निगम ने परमिशन ली है और न ही टीएडंसीसी से।

ग्रामीण क्षेत्र के लगे हैं सभी वार्ड

नगर निगम सीमा क्षेत्र के वार्ड 61, 62, 63, 64, 65 व 66 में हाईवे व स्टेट रोड किनारे लगभग 100 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा व लग्जरी होटल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम की बिना अनुमति के ही बन चुके हैं। इन संचालकों ने वर्ष 2021 के मास्टर प्लान के हिसाब से ही ग्रीन बेल्ट एरिया में निर्माण कार्य कर लिया है। जबकि ग्रीन बेल्ट को छोडकऱ निर्माण की परमिशन ली जाएगी तो शासन के खाते में दो करोड़ रुपए की राशि पहुंचने के साथ ही नगर निगम को संपत्तिकर के रूप में हर साल लाखों रुपए का टैक्स भी मिलता।

दो-तीन साल में तेजी से खुल रहे है होटल

नेशनल व स्टेट हाइवे अधिकांश नगर निगम सीमा क्षेत्र के ग्रामीण वार्डों के हिस्से से होकर गुजरा है। इसमें रायरू से सिकरौदा चौराह तक ग्रीन बेल्ट होने के साथ ही रायरू से मालवा कॉलेज तक बीते दो-तीन साल में ढाबे, होटल लगातार खुलते ही जा रहे हैं। वहीं यहां शाम से रात तक शहर के अधिकतर लोग पार्टी करने पहुंच रहे है और रात के समय वह सडक़ पर ही अपने वाहनों को खड़ा कर देते है। इससे हादसा भी हो रहा है।

परमिशन नहीं फिर भी कर लिया निर्माण

1-नेशनल हाइवे : निगम सीमा क्षेत्र के ग्रामीण वार्ड से दो नेशनल हाइवे निकल रहे हैं। इसमें पहला आगरा-शिवपुरी और दूसरा आगरा-झांसी हाइवे मार्ग। दोनों ही मार्ग ग्वालियर के आसपास नगरीय सीमा से होकर गुजरते हैं। इनमें रायरू से मालवा कॉलेज, रायरू तिराहे से मोतीझील होकर बेला की बाबड़ी के पास तक। इन मार्गों पर मास्टर प्लान के अनुसार रोड सेंटर से 80-80 मीटर तक ग्रीन बेल्ट है। ऐसे में यहां सडक़ किनारे कोई निर्माण नहीं कर सकता, लेकिन ढाब व होटल चलाने वालों से अफसरों से सेटिंग जमाकर निर्माण कर लिया है।

2-स्टेट हाइवे : शहर के पुरानी छावनी से बरेठा पुल तक, बेला की बाबड़ी तिराहे से मालवा कालेज, गिरवाई से बेला की बावड़ी तक स्टेट हाइवे पर मास्टर प्लान में 35 मीटर की बाध्यता रोड सेंटर से है। लेकिन यहां भी अफसरों से सेटिंग करके होटल, ढाबे व रेस्टोरेंट खोले जा चुके हैं।

निगम सीमा में होटल-ढाबे व रेस्टोरेंट

सडक़ किनारे वाहन खड़े होने से होते है हादसे

नगर निगम सीमा क्षेत्र में होटल, ढाबे व रेस्टोरेंट बनने से शाम को अधिकांश लोग यहां पार्टी करने भी आ रहे है। यह लोग बीच सडक़ पर ही अपनी दो पहिया व चार पहिया गाड़ी खड़ी कर देते हंै, इससे आए दिन हादसे भी हो रहे है। वहीं ढाबा, होटल संचालकों ने मनमानी करते हुए छोटे-छोटे पक्के केबिन भी बना रखे है,जहां आपत्तिजनक कार्य भी किए जा रहे हैं।

"शहर के ग्रीन बेल्ट एरिया में मनमानी से होटल रेस्टोरेंट व ढाबे बनाए जा रहे है, जो कि गलत है। नगर निगम व जिला प्रशासन को इस पर सख्ती के साथ कार्रवाई करना चाहिए। अब तक किसी भी होटल, ढाबा व रेस्टोरेंट को कोई परमिशन नहीं दी गई है और ग्रीन बेल्ट में तो वैसे भी निर्माण नहीं किया जा सकता है। मास्टर प्लान लागू हो चुका है उस हिसाब से भी नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे के किनारे होटल,ढाबा नहीं चलाया जा सकता है। यह अवैध निर्माण है इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।"

वीके शर्मा, रिटायर्ड, संयुक्त संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग