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शादियों का बजट बिगाड़ेंगे जीएसटी और आयकर, 5.75 लाख की शादी पर देना पड़ेगा 1 लाख 1700 जीएसटी

- नवंबर में होने वाली शादियों पर जीएसटी और आयकर की मार से होगी परेशानी, नवंबर माह से शादियों का बड़ा सहालग- मैरिज गार्डन से लेकर टेंट, डेकोरेशन, बैंड-बाजा, शादी कार्ड, ब्यूटी पार्लर आदि पर देना लगेगा 18 फीसदी जीएसटी

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ग्वालियर. कोरोना संक्रमण की मार झेल रहे आमजन पर इस साल के सहालग के सीजन में जीएसटी और आयकर टीडीएस की मार पडऩे वाली है। शादी-विवाह करने वालों को मैरिज गार्डन, केटरिंग, ब्यूटी पार्लर, टेंट, फोटो-वीडियोग्राफी, बैंड-डीजे से लेकर शादी के कार्ड्स में भी जीएसटी देना पड़ेगा और इसकी दर भी 18 फीसदी तक है। ऐसे में पिछले सालों की तुलना में दीपावली के बाद होने वाली शादियां महंगी हो जाएंगी। ऐसे में इन कारोबारों से जुड़े लोग सभी से एडवांस या पेमेंट के समय जीएसटी और आयकर टीडीएस भुगतान भी मांग रहे हैं। जानकारों के मुताबिक औसतन 5 लाख 75 हजार रुपए वाली एक शादी पर 1 लाख 1700 रुपए का जीएसटी बढऩे के बाद यही शादी 6 लाख 76 हजार 700 रुपए की पडऩे वाली है।

किस पर कितना लगेगा जीएसटी
मैरिज गार्डन/होटल 18 फीसदी
होटल रुम 5 कमरे 12 फीसदी
(2000 रुपए प्रत्येक)
टेंट 18 फीसदी
फोटो-वीडियो 18 फीसदी
डेकोरेशन 18 फीसदी
केटरिंग सर्विस 18 फीसदी
बैंड-डीजे 18 फीसदी
शादी कार्ड्स 12 फीसदी
ब्यूटी पार्लर 18 फीसदी

ऐसे समझें बढ़े हुए खर्च को
काम औसतन खर्च जीएसटी
मैरिज गार्डन 1,50,000 27,000
होटल रुम 5 कमरे 10,000 1200
(2000 रुपए प्रत्येक)
टेंट 50,000 9,000
फोटो-वीडियो 50,000 9,000
डेकोरेशन 75,000 13,500
बैंड-डीजे 50,000 9,000
शादी कार्ड्स 20,000 2400
ब्यूटी पार्लर 20,000 3600
(इस तरह से एक शादी पर औसतन खर्च 5 लाख 75 हजार रुपए तो इस पर जीएसटी 1 लाख 1700 रुपए बढऩे से यही शादी 6 लाख 76 हजार 700 रुपए की पड़ेगी, आंकलन कर सलाहकार और व्यापारिक संगठनों के मुताबिक)

ऐस लगेगा आयकर टीडीएस
- यदि कोई व्यक्ति मैरिज गार्डन या बैंक्विट हॉल या होटल बुक करता है और उसकी राशि 1 लाख 80 हजार से अधिक होती है तो भुगतान करने वाले व्यक्ति को 10 फीसदी टीडीएस काटकर बाकी होटल वाले को भुगतान करना होगा। 10 फीसदी टीडीएस की रकम होटल वाले के टेन नंबर पर जमा करनी होगी।
- कैटरिंग, साउंड सिस्टम, डेकोरेशन, टैंट वालों का भुगतान यदि एक साल में 1 लाख से अधिक का किया गया है तो भुगतान करने वाले व्यक्ति को आयकर टीडीएस में एक फीसदी या दो फीसदी जो भी दर उस पर लागू हो वो देनी होगी।
- भुगतान करने वाले व्यक्ति को नियमित रूप से टीडीएस काटकर ही भुगतान करने चाहिए।

दोनों ही करना पड़ेंगे जमा
वर्तमान में आयकर और जीएसटी का डाटा एकसार किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में यदि कोई सिर्फ आयकर टीडीएस जमा करता है तो या सिर्फ जीएसटी जमा करता है तो इससे काम नहीं चलेगा। इसकी जानकारी दोनों विभाग को लग जाएगी। ऐसे में शादी करने वाले को जीएसटी के साथ-साथ आयकर टीडीएस भी जमा करना होगा।

10 से 15 फीसदी तक खर्च बढ़ेगा
शादी से संबंधित आयकर टीडीएस को पिछले साल अक्टूबर से शामिल किया गया है। इसे अनिवार्य रूप से भुगतान करना होगा। ऐसा नहीं करने पर आयकर अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है और टैक्स की तीन गुना तक पेनल्टी भी लगाई जा सकती है। आयकर टीडीएस और जीएसटी के लगने से आम आदमी पर भार पड़ेगा और 10 से 15 फीसदी शादी का खर्च बढ़ जाएगा। इसके साथ ही होटल संचालक से लेकर शादी-विवाह के सेगमेंट से जुड़े सभी लोगों को अपनी लेखाबुक का नियमित लेखाजोखा भी रखना होगा।
- अभिषेक गुप्ता, चार्टड अकाउंटेंट

और मुश्किल हो जाएगी शादी
शादी-विवाह में जो भी काम होते हैं वे सभी सेवा प्रदाता की श्रेणी में आते हैं। सरकार की ओर से जीएसटी में सेवा प्रदाताओं को 18 फीसदी जीएसटी की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि शादी समारोह में आमजन पर 18 फीसदी का भार बढऩे वाला है। जीएसटी की ये दरें सभी पर लागू होंगी और आम व्यक्ति के लिए शादी करना अब और मुश्किल हो जाएगा।
- अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष, एमपी टैक्स लॉ बार ऐसोसिएशन