16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तोते व मोर के चाहने वाले अधिक, शेर-हिप्पो व भालू को गोद लेने में रूचि नहीं

गांधी प्राणी उद्यान (चिडिय़ाघर) अपने वन्यजीवों को गोद देने की सुविधा शहरवासियों को दे रहा है

2 min read
Google source verification
तोते व मोर के चाहने वाले अधिक, शेर-हिप्पो व भालू को गोद लेने में रूचि नहीं

तोते व मोर के चाहने वाले अधिक, शेर-हिप्पो व भालू को गोद लेने में रूचि नहीं

ग्वालियर। गांधी प्राणी उद्यान (चिडिय़ाघर) अपने वन्यजीवों को गोद देने की सुविधा शहरवासियों को दे रहा है। लेकिन शहरवासी इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि दो वर्ष पूर्व कछुए, तोते, सेही, हिरण चौसिंगा, फॉख्ता व मोर के चाहने वालों ने रूचि दिखाई और इन्हें गोद भी लिया। लेकिन आज तक सियार, तेंदुआ, टाइघर, लायन, भालू व हिप्पो को गोद लेने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई है। जबकि गांधी प्राणी उद्यान ने वन्यजीवों को गोद लेने की योजना बनाकर शहर की सामाजिक संस्था, क्लब, एसोसिएशन, रहवासी, सोसाइटी सहित ज्यादा से ज्यादा लोग इन वन्यजीवों को गोद लें और इसके लिए समय-समय पर प्रचार प्रसार भी किया गया।

गांधी प्राणी उद्यान के अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही 5100 रुपए की अधिक की राशि खर्च करने पर गोद लेने वाली संस्था और सदस्य के नाम की पट्टिका भी परिसर में लगाई जाने, इनकम टैक्स में छूट देने, गोद लेने वाली फैमली के लोग महीने में एक बार चिडिय़ाघर फ्री में घूमने की सुविधा भी दी जा रही है। बता दें कि चिडिय़ा घर में सियार, तेंदुआ, टाइगर, लॉयन, हिप्पोटामस, हिमालयन भालू, तीतर, मोर, देशी तोत, कॉकटील सहित 550 वन्यजीव हंै।

वन्यजीवों की प्रति वर्ष राशि

1800 रुपए : तीतर, लाल मुनिया, फाख्ता, तीतर, टुईयां तोते, कछुआ, लव वर्ड व हरियल तोता।

3600 रुपए : बजीगर, देशी तोते, मदन, गौर तोते, गागरौनी तोते व कॉकाटील।

7200 रुपए : सेही, मेकाऊ, ककाटू, इगुआंना, देशी मोर, केरोलिन डक,मेन्ड्रीन डक,अफ्रिकन ग्रे पेरेट।

किस वन्यजीव पर वार्षिक कितना खर्चा

वन्य जीव वार्षिक व्यय

सियार 1,80,000

तेंदुआ 2,70,000

टाइगर 3,60,000

लॉयन 3,60,000

हिप्पोटामस 2,70,000

हिमालयन भालू 9,00,00

देशी भालू 9,00,00

नील गाय 57,600

जंगली ***** 2,88,00

चौसिंगा 36,000

लंगूर 2,34,00

पेलिकन 1,80,00

ईगल आउल 1,44,00

घाडियाल 54,000

मगर 54,000

हायना 1,62,000

इन्हें लिया जा चुका है गोद

गांधी प्राणी उद्यान में अब तक कछुए-2, तोते-2,सेह-1,हिरण चौसिंगा-1,फॉख्ता-7 और मोर-2 को गोद लिया जा चुका है।

"शहरवासियों को वन्यजीवों को गोद लेने के लिए आगे आना चाहिए। हमने वन्यजीवों को गोद लेने के लिए संस्था, क्लब, सोसाइटी व फर्म को भी इससे जोड़ रखा है। गोद लेने वाली संस्था के नाम से बोर्ड लगाने का प्रावधान रखने के साथ ही उसे परिवार सहित चिडिय़ाघर में घूमने की भी सुविधा दी गई है। इसका प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।"

हर्ष सिंह आयुक्त, नगर निगम