
Gwalior Tehsildar Shatrughan Singh Chauhan's anticipatory bail plea rejected in High Court
एमपी का एक बड़ा अफसर कभी भी गिरफ़्तार किया जा सकता है। उस पर यौन शोषण का आरोप लगा है। अधिकारी की अग्रिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई है। ग्वालियर के तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने तहसीलदार पर कड़ी टिप्पणी भी। इससे पहले ग्वालियर जिला न्यायालय में भी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। शत्रुघन सिंह पर एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है जोकि खुद को उनकी चौथी पत्नी बतातीं हैं। बताया जा रहा है कि तहसीलदार पर एमपी के साथ ही यूपी के भी कई जिलों में केस दर्ज हैं।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। उनपर 34 साल की युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। कोर्ट में एमपी के इस वरिष्ठ अधिकारी के आपराधिक रिकॉर्ड प्रस्तुत किए गए थे जिसे देखते हुए और लोअर कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
ग्वालियर जिला न्यायालय की विशेष कोर्ट ने तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद
उसने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई। पीड़ित युवती के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष तहसीलदार शत्रुघन सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड रख दिए। पीड़िता को चौथी पत्नी बताया और अन्य तीनों पत्नियों के बारे में भी बताया। इसके बाद कोर्ट ने तहसीलदार की याचिका खारिज कर दी। खास बात यह है कि कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘यह तहसीलदार है या बवाल, 4-4 बीवियां रखता है’।
बताया जा रहा है कि तहसीलदार के ऊपर कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। एमपी के भिंड और दतिया जिलों के साथ ही यूपी के इटावा जिले में भी कई पुलिस केस दर्ज हैं।
Updated on:
17 Feb 2025 09:11 pm
Published on:
17 Feb 2025 09:06 pm

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