
ग्वालियर। जल संकट से जूझ रहे शहर के लिए शासन ने 9.30 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए। ठेके में शर्त थी कि पानी की नाप बल्क मीटर और एनर्जी मीटर से होगी ताकि पता चले कितना पानी पंप किया और कितना डीजल खर्च हुआ। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। इसके बावजूद ठेकेदार को करोड़ों रुपए का भुगतान करा दिया गया।
ठेकेदार ने बाकी रकम रोकने पर पानी की लिफ्टिंग रोक दी। कड़ी कार्रवाई की जगह मात्र २५ लाख रुपए का भुगतान रोकने का ठेकेदार पर अर्थदंड लगाते हुए शेष भुगतान कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विपक्ष ने जांच की मांग की है। बहरहाल १० करोड़ से कम के काम में गोलमाल शुरू हो रहा है तो चंबल से पानी लाने के २९४ करोड़ के प्रोजेक्ट में सफलता कैसे मिलेगी इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ठेकेदार को फायदा
जल संसाधन विभाग ने तिघरा में एक फीट पानी कम बताकर पंपिंग शुरू की थी। जिसका खुलासा पत्रिका ने किया था लेकिन आज तक तिघरा का मीटर दुरुस्त नहीं हो पाया। वर्तमान में पेहसारी का वॉल्व लीकेज है। जिसका फायदा ठेकेदार को मिलेगा।
फिर शुरू पंपिंग
अफसरों ने बुधवार को पुन: पानी की पंपिंग शुरू करा दी। इसमें कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग राजेश चतुर्वेदी के अनुसार वर्तमान में पहसारी में 600 एमसीएफटी पानी है। जिसमें से 300 एमसीएफटी पानी 5 मई तक तिघरा पहुंच सकेगा।
यह पंपिंग का काम 5 मई तक चलेगा। जिसमें 27 पंप चालू हुए हैं और 5 पंप भी जल्द चालू कराए जाएंगे। इस मामले में कलेक्टर ने 61 लाख में से 25 लाख रुपए अर्थदंड काटकर शेष राशि दिलाए जाने व जीएसटी संबंधि समस्या का भोपाल स्तर से निराकरण कराने की बात कही गई है। उक्त पानी से शहर को एक माह का और पानी मिल जाएगा।
शहर की जरूरत को देखते हुए पानी कि पंपिंग को शुरू कराया गया है। अगर इस मामले में कुछ भी गड़बड़ी के तथ्य सामने आएंगे तो उसकी जांच कराएंगे।
राहुल जैन, कलेक्टर
Published on:
12 Apr 2018 09:56 am
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