कमरे की तलाशी में डायरी में सुसाइड नोट लिखा है। खत में थाना प्रभारी जनकगंज के नाम लिखा था, मुझे माफ करना टीआई साहब मैं अपनी मौत का जिम्मेदार हूं, इसके लिए किसी को परेशान नहीं किया जाए। दिनेश नशे का आदी था। कई वारंटों में उसे पकड़ा गया था। उसका शव कमरे में पंखे से दुप्पटे के फंदे पर लटका था। उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ रुमाल से बंधे थे, लेकिन हाथ बांध कर फांसी क्यों लगाई है। वजह पुलिस भी नहीं समझ पाई है। इसके अलावा उसके साथ साजिश की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। क्योंकि उसे किसी ने घर में आते जाते नहीं देखा।