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हनुमान जयंती पर जरूर करें छह रूपों की पूजा,मिलेगी शांति और सुख समृद्धि

हनुमान जंयती पर जरूर करें छह रूपों की पूजा,मिलेगी शांति और सुख समृद्धि

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Hanuman Jayanti 2018

ग्वालियर। इस बार शनिवार को हनुमान जयंती पूरे देश भर में धूमधाम से मनाई जाएगी। खास बात यह है कि शनिवार और मंगलवार दोनों ही हनुमान जी की पूजा के उपयुक्त दिन हैं। इस दिन बंजरंग बली की पूजा से जहां सभी प्रकार के भय और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसलिए हनुमान जयंती के दिन व्रत पूजा और विभिन्न उपाय करने से बजरंग बली की कृपा जरूर मिलती है। शहर में पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा में हनुमानजी महाराज के पांच अवतार दिखाए गए हैं। वहीं पंडित राधे महाराज ने बताया कि हनुमानजी महाराज के छह रूप और भी हैं। इन रूपों की पूजा करने से भक्तों को शांति,सुख व समृद्धि मिलती है। इससे पहले यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे उपायों के बारे में जिन्हें इस हनुामन जयंती पर करने से न केवल आपके पास आर्थिक समृद्धि आएगी बल्कि आपको कष्टों का भी निवारण हो सकेगा।

भक्त हनुमान का स्वरूप
इस स्वरूप में हनुमानजी श्रीराम की भक्ति में लीन दिखाई देते हैं जो लोग इस स्वरूप की पूजा करते हैं उन्हें कार्यो में सफलता पाने के लिए एकाग्रता और शक्ति प्राप्त होती है।

सेवक हनुमान स्वरूप
इस रूप में भगवान श्रीराम की सेवा में लीन दिखाई देते हैं। इस स्वरूप की पूजा करने पर भक्त में कार्य और रिश्तों के प्रति सेवा व समर्पण की भावना जागृत हो जाती है। व्यक्ति को परिवार और कार्य स्थल पर लाभ मिलता है। इस रूप में हनुमानजी महाराज श्रीराम के चरणों में बैठे हैं और श्रीराम उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं।

वीर हनुमान
वीर हनुमान स्वरूप में साहस, बल, पराक्रम व आत्म विश्वास दिखाई देता है। हनुमान जी ने अपने साहस और पराक्रम से कई राक्षसों को नष्ट किया और श्रीराम के काज संवारे। हनुमानजी के इस रूप की उपासना करने से बल, पराक्रम, साहस की प्राप्ति होती है।

सूर्यमुखी हनुमान
भगवान सूर्य हनुमानजी महाराज के गुरु हैं। सूर्य पूर्व दिशा से उदय होता है। सूर्य को प्रकाश, गति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। जिस तस्वीर में हनुमान जी सूर्य उपासना कर रहे है। उस स्वरूप की पूजा करने से भक्त को ज्ञान और कार्यो में गति प्राप्त होती है। साथ ही विद्या प्राप्ति होती है।

दक्षिण मुखी हनुमान
हनुमानजी की प्रतिमा, जिसका मुख दक्षिण दिशा की ओर हो, उसे दक्षिण मुखी हनुमान कहते हैं। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा मानी जाती है। हनुमानजी के इस स्वरूप की पूजा करने से मृत्यु,भय और चितांए समाप्त हो जाती हैं।

उत्तरमुखी हनुमान
उत्तर दिशा देवी देवताओं की मानी जाती है। इसी दिशा में सभी देवताओं का वास है। उत्तरमुखी हनुमानजी की पूजा करने से सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और मनुष्य के घर, परिवार में सुख शांति रहती है।

पंडित राधेमहाराज ने बताया कि हनुमान जयंती पर यह उपाय भी करने चाहिए यह उपाय करने से लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं और सुन्दरकाण्ड का पाठ करने के पश्चात मंदिर में प्रसाद बाटें। साथ ही इस दिन 5 देसी घी के रोट का भोग हनुमान जी को लगाएं। इससे दुश्मनों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा श्री बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए श्री राम नाम का संकीर्तन करें।