
नौ साल बाद अपनी सरजमीं पर आकर बहुत खुश हूं,जानें इस युवक की सफलता का राज
ग्वालियर। मैं पूरे 9 साल बाद ग्वालियर आया हूं। यह मेरे लिए अविस्मरणीय क्षण है। हालांकि मुझे यहां 4 घंटे ही रहना है, लेकिन हर एक मिनट को मैं पूरी सिद्दत के साथ जी लेना चाहता हूं। अपनी सरजमीं की हवाएं मुझे मेरे बचपन की याद दिलाती हैं। यह कहना था यंगस्टर्स के दिलों की धडक़न बन चुके बॉलीवुड एक्टर हर्षवर्धन राणे का। उन्होंने फिल्म सनम तेरी कसम, पल्टन, फिदा से अपनी पहचान बनाई। वह मंगलवार को एक शादी समारोह में शिरकत करने ग्वालियर आए थे। देर रात वह मुंबई के लिए रवाना हो गए। उन्होंने अपना बचपन ग्वालियर में गुजरा है।
पर्सनालिटी डवलपमेंट का मतलब है अच्छा व्यवहार
एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि लोग पर्सनालिटी डवलप करने का मतलब शरीर बनाना समझते हैं। इसके लिए जिम जाते हैं, जबकि आपके संस्कार और आपका व्यवहार आपकी पर्सनालिटी को ग्रूम करता है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के पास टैलेंट तो है, लेकिन पेशेंस नहीं है। यही कारण है कि वे अपने गोल से भटक जाते हैं और बिना इंट्रेस्ट की फील्ड पकड़ लेते हैं।
स्ट्रगल किया, लेकिन कभी पेशेंस नहीं खोया
हर्षवर्धन ने कहा कि मायानगरी हर दिन सैकड़ों युवा एक्टर बनने का सपना लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उनमें से चंद लोगों को ही काम मिल पाता है, बाकि बैरंग होकर लौट जाते हैं। मैं जब मुंबई पहुंचा तो बहुत स्ट्रगल किया। कई ऑडिशन दिए। लास्ट मूमेंट में फेल कर दिया जाता, लेकिन मैंने कभी भी पेशेंस नहीं खोया और आज सफल एक्टर हूं।
हर काम पूरी शिद्दत के साथ करो
मैं एक हीरो हूं। डायरेक्टर की डिमांड पर मैं अपना लुक चेंज करता हूं। मैं यंगस्टर्स से यही कहना चाहूंगा कि जिस काम को भी करो, पूरी शिद्दत के साथ करो। उसके पीछे पड़ जाओ। याद रखो कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। इसलिए भागो नहीं, पीछा करते रहो। जब तक की खुद की मंजिल न मिल जाए।
Published on:
13 Mar 2019 03:11 pm
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