
नौकरी के लिए दांव पर सेहत, पुलिस का बढ़ रहा बीपी, शुगर
ग्वालियर। पुलिस के जवान नौकरी में सेहत को दांव पर लगा रहे हैं। इनमें शुगर और ब्लडप्रेशर का दायरा बढ़ रहा है। ज्यादातर पुलिसकर्मियों को तो पता तक नहीं बीमारी उनके शरीर में सेंध लगा रही है। पिछले 6 दिन से पुलिस के चिकित्सकों की टीम थाने थाने जाकर 441 पुलिसकर्मियों की सेहत परखी है। इनमें 113 को शुगर (मधुमेह ) और बीपी (ब्लडप्रेशर ) निकला है।
शहर के थानों और पुलिस अधिकारियों के दफ्तर का स्टाफ बीमार निकल रहा है। जवानों में मधुमेह (शुगर ) पीडि़त का ग्राफ ज्यादा है। दूसरे नंबर पर ब्लडप्रेशर पेंशेट जवान हैं। फोर्स में बीमारी का बढ़ रहा ग्राफ चिंता का सबब है।नौकरी में सेहत दांव पर रख रहे पुलिसकर्मी कहते हैं, पुलिस की डयूटी में खाने और सोने का वक्त नहीं है। तनाव हर समय रहता है। थानों में फोर्स की कमी है तो काम दवाब ज्यादा है। ऐसे में सेहत की फ्रिक करने का वक्त नहीं है। फिर भी कहा जाता है पुलिस फिट होना चाहिए। इन हालात में यह कैसे हो सकता है।
शुरू होते बंद हुआ वीक ऑफ
नाम उजागर नहीं करने पर पुलिसकर्मियों ने बताया, पुलिस को छोडकर सभी सरकारी विभागों में सप्ताहिक अवकाश मिलता है। कुछ समय पहले पुलिस में भी वीक ऑफ शुरू हुआ था, गिने चुने पुलिसकर्मी एक दिन छुट्टी मना पाए फिर बंद हो गया।
न परिवार के लिए वक्त न अपने लिए
पुलिसकर्मी कहते है डयूटी 8 घंटे की बताई जाती है ,लेकिन सिर्फ डयूटी आने का वक्त होता है जाने का नहीं। हर वक्त डयूटी का दवाब होता है ऐसे में न परिवार के लिए समय है न अपने लिए। भागदौड़ और तनाव में पता नहीं चलता शरीर में क्या बीमारी पल रही है। डयूटी में तो हैल्थ चैकअप का का वक्त नहीं मिलता। अब थाना स्तर पर फोर्स की सेहत जांच हो रही है तो कम से पता तो चल रहा है कौन बीमार है। फोर्स कहता है हमें पुलिस का जवान कहा जाता है, लंबी डयूटी, तनाव और अनियमित जीवन शैली की वजह से फोर्स बूढा हो रहा है।
इसलिए बिगड रही सेहत
एएसपी डा. ऋषिकेश मीणा बताते हैं पुलिसकर्मियों की जीवन शैली अनियमित है। फोर्स का भोजन और नींद का समय तय नहीं है। इसलिए जवानों में ब्लडप्रेशर और शुगर का ग्राफ बढ़ रहा है। ऑन डयूटी मेडिकल चैकअप इसलिए शुरू किया है। अब बीमार पुलिसकर्मियों के हैल्थ कार्ड बनाए हैं। बीमारी के हिसाब से उनका इलाज किया जा सके।
उम्र 30 से कम बीपी शुगर के मरीज
ऑन डयूटी हैल्थ चैकअप में एसएसपी दफ्तर, पुलिस कंट्रोल रूम, थाटीपुर, गोला का मंदिर थाने में पदस्थ 11 नौजवान (26 से 33 साल की उम्र ) पुलिसकर्मी बीपी और शुगर के पेंशेट सामने आए हैं। इनमें 26 साल की महिला आरक्षक भी शामिल हैं।
ऐसे सुधर सकती सेहत और हालात
-जवानों में तनाव की कमी और जीवन शैली को नियमित किया जाए।
- फोर्स को सप्ताह में एक दिन का अवकाश मिलना चाहिए।
-पुलिसकर्मियो की डयूटी का फिक्स टाइम टेबिल जरूरी
-रात गश्त की डयूटी के बाद दूसरे दिन काम से राहत मिलना चाहिए
- डयूटी पर काम के साथ स्वस्थ माहौल जरूरी।
फील्ड डयूटी से दूर , योगा से मिलेगी राहत
फोर्स की सेहत को दुरूस्त रखने के लिए ऑन डयूटी हैल्थ चैकअप शुरू किया है। बीमार की श्रेणी में आ रहे हैं पुलिसकर्मियों को फील्ड और भागदौड़ की डयूटी में नहीं लगाया जाएगा। तनाव मुक्त रखने के लिए योग का इंतजाम किया जाएगा।
अमित सांघी एसएसपी ग्वालियर
Published on:
30 Mar 2023 02:53 am
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