
हाई कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
ग्वालियर. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि यह राशि एसीएस को अपने निजी खाते के चेक से जमा करनी होगी, इसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि 24 नवंबर 2025 को दिए गए निर्देश के बावजूद अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अब तक शपथपत्र दाखिल नहीं किया है। कोर्ट ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी अधिकारी द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की गई, तो प्रधान रजिस्ट्रार को न केवल जुर्माने की वसूली की कार्रवाई करनी होगी, बल्कि अवमानना का मामला भी दर्ज किया जाएगा।
मध्य प्रदेश शासन व तहसीलदार ने एक जमीन के मामले की फस्र्ट अपील को फिर से सुनवाई में लाने के लिए आवेदन लगाया था। लंबे समय बाद री स्टोर आवेदन लगाया गया। 24 नवंबर 2025 को यह मामला न्यायालय के सामने आया तो कोर्ट ने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय तक फाइल दबाए रखने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई।
न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) से एक सप्ताह में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं हुआ। न्यायालय ने पाया कि 2012 में अपील खारिज होने और 2015 में प्रति मिलने के बाद भी फाइल वर्षों तक दफ्तरों में भटकती रही।
Published on:
21 Jan 2026 05:28 pm

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