30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ी खबर: MP ये शहर बना SOUTH AFRICA का केपटाउन, बारिश नहीं हुई तो पीने को पानी तक मिलना होगा मुश्किल

यहां पर्यटकों का आना बंद हो रहा है, क्योंकि वहां पानी का मूल स्रोत बांध था जो सूख चुका है। जो पानी शेष है उससे अपै्रल तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती

3 min read
Google source verification
water crises gwalior

ग्वालियर। जल संकट से जूझ रहे साउथ अफ्रीका के कैपटाउन शहर की चर्चा दुनियां में इसलिए हो रही है क्योंकि वह बीते 100 वर्ष के सबसे भीषण जल संकट से जूझ रहा है। वहां प्रतिदिन प्रति व्यक्ति को मात्र 25 लीटर पानी दिया जा रहा है। लोगों को स्नान करने से मना किया जा रहा है। यहां पर्यटकों का आना बंद हो रहा है, क्योंकि वहां पानी का मूल स्रोत बांध था जो सूख चुका है। जो पानी शेष है उससे अपै्रल तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। कुछ ऐसे ही हालात ग्वालियर में बन सकते हैं। मंगलवार को ककेटो बांध लगभग पूरा सूख चुका है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान जब पत्रकारों ने आयुक्त विनोद शर्मा से पूछा, अब आप क्या करेंगे तो उन्होंने जवाब दिया अगर इस बीच बरसात नहीं हुई तो हमारा शहर भी केपटाउन बन जाएगा। केवल भगवान से प्रार्थना के अलावा कोई और दूसरा रास्ता फिलहाल नजर नहीं आता।

बड़ी खबर : 10 और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव,पढ़ें पूरी खबर

भविष्य की योजना पर उन्होंने साफ कर दिया कि अगर पानी तिघरा और जमीन में नहीं होगा तो चार दिन में एक बार पानी देने के भी हालात बन सकते हैं। अब केवल लोगों को पानी बचाने, हार्वेस्टिंग करने, बांधों को संरक्षित करने और पेड़ लगाने होंगे। इस दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एके सिंघल, पीएचई के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य आदि मौजूद रहे।

बड़ी खबर : मौसा भतीजी के साथ बनाता था नाजायज संबंध, पत्नी ने किया मना तो वेलेंटाईन डे की रात खेला खौफनाक खेल

सीआरपीएफ ने भी मांगा पीने का पानी

घाटीगांव के पास बन रही सीआरपीएफ की कॉलोनी में करीब पांच हजार आवास बनाने का काम जारी है, लेकिन जल संकट के चलते आवास खाली पड़े हैं। इसके चलते सीआरपीएफ के अफसर रजनीश ने गुरुवार को बाल भवन पहुंचकर निगम आयुक्त से पानी की डिमांड की। जिस पर आयुक्त ने कहा उक्त एरिया निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वहीं हम शहर की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो आपकी जरूरत को पूरा कैसे करेंगे।

तीसरा हम चंबल से पानी लिफ्ट लाने का प्लान कर रहे हैंं, वहां से लिफ्ट करके आपको देंगे तो साल का ६ से ७ करोड़ रुपए आपको देने होंगे। क्या इस पर आप सहमत हैं। इस पर कमांडेंट रजनीश द्वारा कहा गया कि आपने हमारी आखें खोल दी हैं। अब आप ही रास्ता बताईए। इस पर आयुक्त ने सलाह दी कि आप ककेटो पहसारी से पानी लाने के लिए पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव बनाएं जिसमें निगम आपका सहयोग करेगी। वहीं पानी बरसे इसके लिए करीब २५ हजार से अधिक प्लांटेशन करें इसके अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं हैं। जिस पर सीआरपीएफ के अफसरों ने सहमति जताई और जल्द ही व्यापक स्तर पर प्लांटेशन करने की बात कही।

एक मार्च से बिगड़ेंगे हालात

एक नजर कैपटाउन के हालात, शहर की आबादी 40 लाख


ग्वालियर की स्थिति 13 लाख, शहर की आबादी

Story Loader