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संगीत के सात स्वरों का जीवन में अहम महत्व

आइटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में ओरिएंटेशन प्रोग्राम

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संगीत के सात स्वरों का जीवन में अहम महत्व

संगीत के सात स्वरों का जीवन में अहम महत्व

ग्वालियर.

नव प्रवेशित स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन करने और परिचय देने के लिए स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेस, स्कूल ऑफ फार्मेसी, स्कूल ऑफ मेडिकल एंड पैरामेडिकल कोर्स, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन ने ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया। इसमें शिशिर सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने संगीत के सात स्वरों (सा, रे, ग, म, पा, धा, नी) में से ’पा’ स्वर का उदाहरण देते हुए छात्र जीवन में महत्व बताया। कार्यक्रम की शुरूआत में आइटीएम के वाइस चांसलर डॉ एसएस भाकर ने किया। प्रो चांसलर डॉ दौलत सिंह चौहान ने नव प्रवेशित स्टूडेंट्स को सम्बोधित किया। उन्होंने स्टूडेंट्स को दैनिक जीवन के बारे में समझाया।


उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद व शारीरिक क्रियाओं के प्रति प्रोत्साहित किया। स्टूडेंट्स के मनोरंजन और उत्साहवर्धन के लिए कई क्विज व विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ। इसमें विजेता स्टूडेंट्स को पुरस्कृत भी किया गया। इसके साथ ही सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर स्टूडेंट्स के स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। उन्होंने डांस, सिंगिंग, जुगलबंदी, राजस्थानी डांस, बॉलीवुड डांस, ग्रुप डांस, सांग आदि की परफॉर्मेंस दी। आखिर में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेस की डीन प्रो मिनी अनिल, स्कूल ऑफ फार्मेसी के डीन डॉ अलगू सुंदरम, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के एचओडी डॉ मनीष जैसल सहित अन्य विभागों के डीन, एचओडी व स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।

जर्नलिज्म स्टूडेंट्स को दिया व्याख्यान
शिशिर सिन्हा ने विशेष रूप से स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स को व्याख्यान भी दिया। उन्होंने ‘आर्थिक नीति और व्यवसायिक पत्रकारिता’ विषय पर स्टूडेंट्स से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक वित्तीय पत्रकार को प्रत्येक वित्तीय बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी हर जानकारी होना चाहिए। इसके लिए उसे अर्थशास्त्र के साथ-साथ सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों व उसके प्रभावों पर भी रखनी होगी। बिजनेस पत्रकारिता के लिए अर्थशास्त्र की डिग्री होना जरूरी नही। इसके लिए समाचार की समझ और विषय के प्रति रूचि की आवश्यकता है। आर्थिक मामलो से जुड़ी खबरों को बताने के लिए पत्रकार को चिंतनशील होना चाहिए। साथ ही विभिन्न विषयों को पढऩा चाहिए। जिससे वह सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों को आम जनता तक सरल भाषा में पहुंचा सकें।