27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

२५० की आबादी में हर घर में एक अधिकारी, १२ अफसर, तीन डॉक्टर व आधा दर्जन शिक्षक

शिक्षा से पाया ऊंचा मुकाम...मनावर तहसील के छोटे से फालिए बिल्लीपुरा में शिक्षा का फैला उजियारा, किसान परिवारों से निकल कर अलग-अलग जिलों मेंं दे रहे सेवा

2 min read
Google source verification
२५० की आबादी में हर घर में एक अधिकारी, १२ अफसर, तीन डॉक्टर व आधा दर्जन शिक्षक

२५० की आबादी में हर घर में एक अधिकारी, १२ अफसर, तीन डॉक्टर व आधा दर्जन शिक्षक

धार. शिक्षा ऐसी पूंजी है, जो जीवन में सफलता के नए आयाम गढ़ती है। ऐसी कहानी है मनावर तहसील के छोटे से ग्राम बिल्लीपुरा की। गांव की मिट्टी में पढ़ाई का जुनून ऐसा है कि यहां से निकलने के बाद हर शख्स ने सरकारी नौकरी हासिल की। २० मकानों में करीब २५० की आबादी है। आश्चर्य तो यह है कि इस गांव मेंं हर घर में एक प्रशासनिक अधिकारी है। १२ अफसर, तीन डॉक्टर और आधा दर्जन शिक्षक भी है, जो आपस में रिश्तेदार है।

पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य जैसे विभागों मेंं पोस्टिंग लेकर अलग-अलग जिलों में सेवाएं दे रहे हंैं। गांव के बड़े-बुजुर्ग बताते है कि किसी समय गांव में स्कूल नहीं थी। हमारे बच्चे पढऩे के लिए दूर गांव जाते थे। पेट भरने के लिए खेती-किसानी और दिहाड़ी मजदूरी सहारा थी। वहीं अब इस गांव को अधिकारियों के गांव के नाम से जाना जाता है। इस बात पर ग्रामीणों को भी फर्क है। दिवाली, दशहरे पर्व और मांगलिक कार्यों में गांव में आने पर घरों के बाहर लाल व पीली बत्ती की चमचमाती गाडिय़ां खड़ी नजर आती है।
किसान परिवार से ताल्लुख
यहां रहने वाले सभी परिवार खेती-किसानी करते है। परिवारों की आर्थिक स्थित बच्चों की पढ़ाई में आड़े नहीं आई। गांव में पैदा होने वाले बेटा-बेटी अच्छी शिक्षा हासिल कर सफलता के शिखर पर पहुंचकर चमचमा रहे हैं। धार जैसे आदिवासी बाहुल्य जिलेे में वैसे भी साक्षरता दर कम है। बावजूद इस बिल्लीपुरा के लोगों ने दिखाया है कि शिक्षा कभी नागवारा नहीं जाती।

बड़े-बुजुर्गों के नक्शे कदम पर युवा पीढ़ी

गांव में शिक्षा का अलख लगाने का श्रेय दिवंगत रुखडुसिंह ठाकुर को जाता है, जो शासकीय स्कूल में प्राचार्य रहे। जिनके प्रयासोंं से अन्य लोग भी पढ़ाई की तरफ प्रेरित हुए। बड़े-बुजुर्गों के नक्शे कदम पर युवा पीढ़ी भी चल रही है। फिलहाल गांव के युवा छात्र मेडिकल, इंजीनियर कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं।

ये है वो अधिकारी, जिन्होंने बिल्लीपुरा गांव का नाम रोशन किया

नाम पदस्थापना

मानसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बड़वानी

धनसिंह ठाकुर, आईटीआई में ज्वाइट डायरेक्टर भोपाल
बापूसिंह ठाकुर, उप संचालक लोक अभियोजन अधिकारी मंदसौर-नीमच
सुभद्रा ठाकुर, सहायक जेल अधीक्षक मंदसौर
सुरेंद्रसिंह ठाकुर, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवास
चौपसिंह ठाकुर, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी रतलाम
विक्की ठाकुर, आरआई राजस्व विभाग पानसेमल
मोतेसिंह ठाकुर, इंजीनियर बड़वानी
बलराम ठाकुर, महिला एवं बाल विकास उमबरन

धनसिंह ठाकुर, जपं उमबरन

धनसिंह ठाकुर, प्रबंधक उबरमन
राजदेवेंद्रसिंह ठाकुर, लेक्चर जलखां

पार्वती ठाकुर, शिक्षिका जलखां
लोक वीरेंद्र ठाकुर, टीचर सीहोर

प्रकाश ठाकुर, टीचर बज्जटा

बालूसिंह ठाकुर, प्रबंधक एलआईसी खेतिया
दिनेश ठाकुर, ग्रामीण विस्तार अधिकारी पीथमपुर
डॉ. डाली ठाकुर, इंडेक्स कॉलेज इंदौर
मोतेसिंह ठाकुर, एसडीओ जलसंसाधन बड़वानी
अमरसिंह ठाकुर, लेक्चर सुल्यापुरा

गोरेलाल ठाकुर, प्राचार्य रामाधाम
डॉ. लालसिंह ठाकुर, हड्डी विशेषज्ञ कुक्षी

डॉ. मोनिका ठाकुर, शिशु रोग बड़वानी
गणपतसिंह ठाकुर, सेवानिवृत्त शिक्षक

छगनसिंह ठाकुर, प्राचार्य सेवानिवृत्त

रामलाल ठाकुर, आर्मी से सेवानिवृत्त

भारतसिंह ठाकुर, ग्रामीण बैंक से सेवानिवृत्त