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मासूम की जान लेने वाला कुत्ता गायब, लेकिन गली में दहशत बरकरार, बच्चों को घर से नहीं निकलने दे रहे लोग

इस घटना से शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लोग डर गए हैं जिससे आवारा कुत्तों के संबंध में शिकायत के लिए नगर निगम में बनाए गए कंट्रोल रूम पर केवल गुरुवार को ही 26 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई।

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मासूम की जान लेने वाला कुत्ता गायब, लेकिन गली में दहशत बरकरार, बच्चों को घर से नहीं निकलने दे रहे लोग

ग्वालियर। मुरार स्थित हाथीखाना में 4 वर्ष की मासूम रोशनी की कुत्ते के काटने से हुई मौत के बाद से वह कुत्ता तो गायब है, लेकिन गली में दहशत है। 40 घरों की तंग गली में लोगों ने बच्चों के घरों के बाहर खेलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। कुत्ते द्वारा रोशनी को उठाकर ले जाने वाले दृश्य से लोगों के दिलों में डर बैठ गया है, इसलिए बच्चों को घरों से बाहर नहीं खेलने दिया जा रहा है। इस घटना से शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लोग डर गए हैं जिससे आवारा कुत्तों के संबंध में शिकायत के लिए नगर निगम में बनाए गए कंट्रोल रूम पर केवल गुरुवार को ही 26 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। उधर घटना के बाद चेते नगर निगम ने भी आवारा कुत्तों को पकडऩा शुरू कर दिया है। गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 15 कुत्ते पकड़े गए।

दो दिन पहले हाथीखाना में रोशनी को काटने वाला कुत्ता कहां है, इस संबंध में कुत्ते के मालिक से पूछा तो उसने कहापता नहीं है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कुत्ते को उसके मालिक ने ही कहीं भेज दिया है। जिस गली में घटना हुई वह अब सुनसान है। खासकर बच्चे घर से नहीं निकल रहे हैं। स्थानीय निवासी मनीराम ने बताया कि उन्होंने परिजनों को साफ कह दिया है कि बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। लोगों के अनुसार कुत्ता कभी भी हमला कर सकता है, इसलिए वह कोई रिस्क नहीं ले सकते।


15 कुत्ते पकड़े
रोशनी की मौत के बाद चेते नगर निगम ने आवारा कुत्तों को पकडऩे के लिए अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को निगम के मदाखलत विभाग ने नारायण विहार और अन्य क्षेत्रों से 15 कुत्तों को पकडकऱ बिरला नगर स्थित तिरुपति फाउंडेशन के सेंटर पर छोड़ा है। यहां उनकी नसबंदी और एंटी रेबीज वैक्सीनेशन किया जाएगा और कुछ दिन बाद उसी जगह पर छोड़ दिया जाएगा। निगम अधिकारियों के अनुसार कुत्तों की धरपकड़ फिलहाल जारी रहेगी।

पर्याप्त नहीं हैं संसाधन
नगर निगम के पास कुत्तों को पकडऩे के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पकडऩे के लिए एक्सपर्ट भी पर्याप्त नहीं हैं और गाड़ी भी एक ही है, जिसमें कुत्तों को पकडकऱ ले जाया जाता है।

दो गुनी हुईं शिकायतें
शहर में आवारा कुत्तों को पकडऩे की जिम्मेदारी नगर निगम की है। निगम की मदाखलत शाखा में इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। अमूमन कंट्रोल रूम के नंबर 0751-2438358 पर 10 से 12 शिकायतें दर्ज की जाती थीं, लेकिन रोशनी के साथ हुई घटना के बाद शिकायतों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुधवार को 12 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि गुरुवार की संख्या 26 तक पहुंच गई।