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अब 2020 से पहले के निवासियों को 1 प्रतिशत राशि में मिलेगा शहर की जमीन पर पट्टा

-सरकार ने 5 प्रतिशत की जगह अब किया 1 प्रतिशत राशि शुल्क
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ग्वालियर

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Dharmendra Kumar Trivedi

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Updated: 15 Jun 2023, 12:02 AM IST

अब 2020 से पहले के निवासियों को 1 प्रतिशत राशि में मिलेगा शहर की जमीन पर पट्टा

अब 2020 से पहले के निवासियों को 1 प्रतिशत राशि में मिलेगा शहर की जमीन पर पट्टा

श्योपुर। शहर की सरकारी जमीनों पर कब्जा करके रह रहे लोगों को अब पांच प्रतिशत की बजाय एक प्रतिशत राशि जमा करके पट्टा मिल सकेगा। सरकार ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों में आवास की अवधि को 2014 से घटाकर 2020 कर दी गई है। इसके बाद अब सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को धारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवास पट्टा आसानी से मिल सकेगा।नए निर्देशों को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर कार्रवाई करने के लिए कहा है।


दरअसल, धारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शासकीय भूमि पर निवास कर रहे लोगों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए कार्रवाई शुरू की गई थी। इसको लेकर पूरे जिले में आवेदन भी जमा कराए गए थे। योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में आवासीय भूखंड के बाजार मूल्य का पांच प्रतिशत शुल्क जमा कराने का प्रावधान किया गया था। इस शुल्क के हिसाब से लोगों ने अपनी दस्तावेजी कार्रवाई शुरू भी करा दी थी। अब इसमें भी कमी कर दी गई है।


यह है नया नियम
-पूर्व में 31 दिसंबर 2014 से पहले के भूखंडों पर पात्रता की गई थी, अब 31 दिसंबर 2020 से पहले के निवासरत लोगों को भी सरकारी जमीन पर आवासीय पट्टा मिल सकेगा।


ऐसे होगा शुल्क निर्धारण
आवासीय
-150 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भूखंड पर वर्तमान मूल्य के निर्धारित कलेक्टर गाइडलाइन की एक प्रतिशत के बराबर राशि ली जाएगी।
-150 वर्गमीटर से अधिक और 200 वर्गमीटर से कम के भूखंड पर अब 10 प्रतिशत की बजाय एक प्रतिशत राशि ली जाएगी।


व्यावसायिक
-20 वर्गमीटर तक के लिए अब 25 प्रतिशत की बजाय कलेक्टर गाइडलाइन की पांच प्रतिशत राशि लगेगी।


वर्सन
-धारधाधिकार अधिनियम के अंतर्गत भूखंड पट्टा देने के लिए नए निर्देश आ गए हैं। इसके अनुसार अब आवासीय भूखंडों पर एक प्रतिशत प्रब्याजि राशि शुल्क के रूप में ली जाएगी। अधिकारियों को नए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
शिवम वर्मा, कलेक्टर