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बाजार में गिरावट, सोने की चमक फीकी पड़ी तो जमीन की ओर दौड़े निवेशक

वैश्विक स्तर पर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच प्रॉपर्टी कारोबारियों और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ी राहत की खबर है। सोना-चांदी और बाजार की अस्थिरता से घबराए निवेशक अब वापस जमीन का रुख कर

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नया रिकॉर्ड: अप्रेल में 45% बढ़ीं रजिस्ट्रियां; गाइडलाइन 100 फीसदी तक बढ़ने के बावजूद सरकारी खजाने में 148% का बंपर उछाल

ग्वालियर. वैश्विक स्तर पर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच प्रॉपर्टी कारोबारियों और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ी राहत की खबर है। सोना-चांदी और बाजार की अस्थिरता से घबराए निवेशक अब वापस जमीन का रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि नए वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने (अप्रेल) में पंजीयन कार्यालयों में रजिस्ट्री में 45 फीसदी का उछाल आया है। अमूमन अप्रेल के महीने में नई गाइडलाइन लागू होने के कारण रजिस्ट्रियों का ग्राफ गिर जाता है, लेकिन इस बार इसके उलट रिकॉर्ड 45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, सरकारी खजाने में राजस्व के मामले में 148 फीसदी का भारी-भरकम उछाल आया है।

विभागीय जानकारों और बाजार विशेषज्ञों की मानें तो वित्तीय वर्ष 2025 में प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती देखी गई थी। उस दौरान निवेशकों ने जमीन से हाथ खींच लिए थे, जिससे पूरे साल विक्रय पत्रों (रजिस्ट्री) में 31 फीसदी की गिरावट आई थी। अप्रेल 2025 में 44 फीसदी की गिरावट आई थी। तब लोग सोने-चांदी में निवेश कर रहे थे क्योंकि कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे थे। लेकिन अब वैश्विक बाजार के बदलते समीकरणों और उतार-चढ़ाव के कारण सराफा बाजार से निवेशकों का मोहभंग होने लगा है। सुरक्षित निवेश के लिहाज से लोग फिर से अचल संपत्ति (प्रॉपर्टी) की तरफ लौट आए हैं। कृषि, व्यवसायिक, आवासीय संपत्ति की रजिस्ट्री हुई हैं।

गाइडलाइन बढ़ने के बावजूद टूट पड़े खरीदार

  • -इस बार राजस्व में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे कलेक्टर गाइडलाइन में की गई वृद्धि को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-फरोख्त तेजी से चल रही थी, वहां प्रशासन ने गाइडलाइन दरों को 50 से 100 फीसदी तक बढ़ा दिया था। दरें बढ़ने के कारण लोगों को रजिस्ट्री के लिए ज्यादा स्टांप ड्यूटी और पंजीयन फीस चुकानी पड़ी, जिससे विभाग की झोली में सीधे 15 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व आ गया।-मार्च के 'क्लोजिंग' महीने में लोग हड़बड़ी में रजिस्ट्रियां कराते हैं ताकि नई गाइडलाइन की बढ़ी दरों से बच सकें, जिससे अप्रेल हमेशा मंदा रहता है। लेकिन इस बार अप्रेल में उमड़ी भीड़ ने पिछले सारे मिथक तोड़ दिए हैं। रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि यह तेजी आने वाले महीनों में भी बरकरार रहेगी।
  • पंजीयन विभाग के वृत्त-1 में खेती की लोकेशन अधिक है। इस वृत्त में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हुई है। जबकि वृत्त-2 में कम है। इस वृत्त में शहर क्षेत्र अधिक है।

आंकड़ों की जुबानी: अप्रेल में यूं चमका पंजीयन विभाग

मानक------------------------अप्रेल 2025------------------------अप्रेल 2026 ------------------------बढ़त (फीसदी)
कुल रजिस्ट्रियां--------------2,853------------------------4,147 ------------------------ 45% बढ़ोतरी ( 1274 दस्तावेज)
कुल राजस्व---------------(करोड़ में) 31 करोड़----------₹46 करोड़--------------------148% उछाल ( ₹15 करोड़)

इनका कहना है

वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद अप्रेल में दस्तावेजों में कमी आती है, लेकिन इस बार वैसी स्थिति नहीं रही है। राजस्व व दस्तावेज दोनों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हर सेक्टर की संपत्ति की रजिस्ट्री हुई है।
अशोक शर्मा, जिला पंजीयक