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सोशल मीडिया बना गैंगस्टर भर्ती एजेंसी! पाकिस्तान-कनाडा के अपराधियों के रडार पर एमपी के युवा

Social Media Crime: पाकिस्तान-कनाडा के अपराधियों के रडार पर डबरा और देहात के युवा, खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बना अपराधियों का पैंतरा

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ग्वालियर

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Sanjana Kumar

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पुनीत श्रीवास्तव

May 22, 2026

Social Media Crime

Social Media Crime (photo:freepik)

Social Media Crime: पाकिस्तान, दुबई और कनाडा में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया प्लेटफार्म से युवाओं को पैसा, हथियार और रसूख का झूठा रुतबा दिखा जाल में फंसा रहे हैं। अंचल में इस हथकंडे से अपराधियों की फसल तैयार करने का नया पैंतरा पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती साबित हुआ है, पिछले दो साल में ऐसे 3 मामले सामने आए हैं इनमें कनाडा और पाकिस्तान के गैंगस्टर्स ने ग्वालियर और चंबल अंचल में गांव के लड़कों को अपराधी बनाया है।

नए अपराधियों की भर्ती का एंट्री गेट

विशेषज्ञों की नजर में सोशल मीडिया को विदेशी गैंगस्टर नए अपराधियों की भर्ती का एंट्री गेट बना रहे हैं। यह लोग वीओआइपी कॉल, एन्क्रिप्टेड ऐप और फर्जी आइडी से ठेठ गांव के युवाओं को लग्जरी जिंदगी का झांसा देकर फंसा रहे हैं। डबरा में यह खेल 26 महीने पहले पैरोल पर जेल से छूटे हत्यारोपी जसवंत सिंह गिल की गोलियां मारकर हत्या में सामने आ चुका है। कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला ने जसवंत की मौत का ठेका लिया था।

हत्या का खुलासा

खास बात है कि सरहद पार से हत्या के खेल का खुलासा होने के बाद भी विदेशी अपराधियों का लोकल नेटवर्क बनाने का चलन थमा नहीं है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ का गुर्गा और पाकिस्तानी डॉन फारुख खोकर का राजदार शहजाद भाटी भी ग्वालियर अंचल में अपराधियों की फसल तैयार कर रहा है।

रिटायर्ड सीएसपी राकेश सिन्हा

रिटायर्ड सीएसपी राकेश सिन्हा कहते हैं, बेव सीरीज, गैंगस्टर कल्चर और सोशल मीडिया पर हथियारों की हनक अपराध को स्टेटस सिबंल बना रहा है, तमाम युवा गैंगस्टर्स को रोल मॉडल में देख रहे हैं। युवाओं की इस सोच का विदेशी अपराधी फायदा उठाकर इन्हें कुछ हजार रुपए थमाकर मोहरा बना रहे हैं और शुरु में छोटे अपराध कराते हैं फिर बड़ी वारदातें कराकर पल्ला झाड़ते हैं।

लेन-देन आसान

दरअसल फर्जी आइडी, एन्क्रिप्टेड ऐप से डिजिटल अपराध और पैसों का लेन देन आसान हो गया है। इस जाल में फंसने वालों को मालूम तक नहीं होता वह अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के मोहरे बन चुके हैं। साइबर मानिटरिंग और खुफिसा एजेसियों की निगरानी कमजोर होने से पता नहीं सरहद पार से पनप रहे अपराध के इस नेटवर्क का पता नहीं चलता।

दिसंबर 2024:

कनाडा के आतंकी अर्श डल्ला के इशारे पर शूटर, अनमोलप्रीत सिंह और नवजोत सिंह ने गोपाल कॉलोनी डबरा में आकर जेल से छूटे जसवंत सिंह उर्फ सोनी सरदार की गोलियां मारकर हत्या की।

अप्रैल 2026:

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भाटी के इशारे में दशहतगर्दी मचाने की तैयारी में राजवीर बंजारा और विवेक बंजारा निवासी करहिया पकड़े गए।

मई 2026:

फैसलाबाद पाकिस्तान में बैठकर साइबर ठगी का धंधा करने वाले सरगना की लोकल गैंग ग्वालियर के सिटी सेंटर में होटल एचजी हैरीटेज से पकड़ी गई।