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सात समंदर पार महायुद्ध की मार, पासपोर्ट की थमी उड़ान

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के असर की आंच अब ग्वालियर तक पहुंचने लगी है। विदेश जाने के सपने देखने वाले युवाओं और खाड़ी देशों से कारोबार करने वाले व्यापारियों ने फिलहाल अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
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ग्वालियर

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Rahul Thakur

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Updated: 22 May 2026, 6:34 PM IST

Applications Drop

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ग्वालियर. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के असर की आंच अब ग्वालियर तक पहुंचने लगी है। विदेश जाने के सपने देखने वाले युवाओं और खाड़ी देशों से कारोबार करने वाले व्यापारियों ने फिलहाल अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। इसका सीधा असर ग्वालियर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर दिखाई दे रहा है, जहां पिछले दो महीनों में नए पासपोर्ट आवेदनों में 30 से 35 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है। कुछ महीने पहले तक पासपोर्ट बनवाने के लिए लंबी कतारें और डेढ़ महीने तक की वेटिंग देखने को मिलती थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्र में भीड़ कम हो गई है और अपॉइंटमेंट आसानी से मिलने लगे हैं। गुरुवार को पोर्टल पर आवेदन करने वालों को सीधे 9 जून 2026 की तारीख मिल रही थी।

अपॉइंटमेंट की मारामारी खत्म हुई

महाराज बाड़ा स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पर पहले अपॉइंटमेंट के लिए करीब 45 दिन तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह अवधि घटकर लगभग 15 दिन रह गई है। तत्काल पासपोर्ट भी आसानी से बन रहे हैं। डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक एके सिंह के अनुसार, वैश्विक युद्ध जैसे हालात बनने के बाद पासपोर्ट आवेदनों में स्पष्ट कमी आई है।

सुरक्षा चिंता बनी सबसे बड़ी वजह

हर साल ग्वालियर सहित प्रदेश के बड़े शहरों से हजारों छात्र पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं। लेकिन मिडिल ईस्ट के अस्थिर हालातों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। युद्ध के कारण कई देशों का एयरस्पेस प्रभावित हुआ है, फ्लाइट रूट बदल रहे हैं और हवाई टिकट महंगे हो गए हैं। सुरक्षा चिंताओं के चलते कई परिवार अब बच्चों को विदेश भेजने से बच रहे हैं।

आंकड़ों में दिखा गिरता ग्राफ
ग्वालियर पासपोर्ट सेवा केंद्र के आंकड़े बताते हैं कि साल की शुरुआत में विदेश जाने का उत्साह बना हुआ था, लेकिन युद्ध के हालात गहराते ही आवेदन तेजी से घटने लगे।

  • जनवरी 2026 : 1,407 पासपोर्ट
  • फरवरी 2026 : 1,274 पासपोर्ट
  • मार्च 2026 : 1,346 पासपोर्ट
  • अप्रेल 2026 : 1,127 पासपोर्ट
  • मई 2026 (20 मई तक) : केवल 800 पासपोर्टमार्च के मुकाबले अप्रेल में सीधे 219 पासपोर्ट कम बने। वहीं मई में अब तक के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि यह महीना पिछले कई वर्षों का सबसे सुस्त महीना साबित हो सकता है।

सुस्त महीना

मार्च के मुकाबले अप्रेल में सीधे 219 पासपोर्ट कम बने। वहीं मई में अब तक के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि यह महीना पिछले कई वर्षों का सबसे सुस्त महीना साबित हो सकता है…

कॅरियर से बढ़कर है जान
अगस्त-सितंबर इनटेक के लिए यूरोप की यूनिवर्सिटी में आइटी की पढ़ाई करने जाने वाला था। लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात देखकर परिवार ने फिलहाल विदेश भेजने से मना कर दिया। अब वह देश में ही किसी अच्छे संस्थान में प्रवेश लेने पर विचार कर रहा है।
आयुष शर्मा, छात्र, निवासी थाटीपुर

एक्सपर्ट
विदेश यात्रा का मार्केट ठंडा पड़ा
मिडिल ईस्ट के रास्ते यूरोप और अमेरिका जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स या तो कैंसिल हो रही हैं या लेट, ऐसे में लोग नए पासपोर्ट के झंझट में पड़ ही नहीं रहे हैं। जब तक खाड़ी में शांति नहीं होती, तब तक विदेश यात्राओं का यह मार्केट पूरी तरह ठंडा रहेगा।
राहुल गुप्ता, ट्रैवल एजेंट