कश्मीरी छात्र की करतूत का सुबूत मिला
पुनीत श्रीवास्तव.ग्वालियर। सीआरपीएफ जवानों की बस पर आत्मघाती हमले के बाद दहशतगर्दी को सोशल मीडिया पर समर्थन देने के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय के कश्मीरी छात्र मुसादिक फैयाज निवासी बांदीपुर कश्मीर ने हरकत को छिपाने के लिए पोस्ट को डिलीट कर दिया है। हालांकि उसकी करतूत पकड़ी गइ है। खुफिया एजेंसियों ने उस पोस्ट को तलाश लिया है जिसमें मुसादिक ने दहशतगर्दी का समर्थन किया था। पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर आत्मघाती हमले के कुछ देर बाद कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्र मौहम्मद सैफी ने अपनी फेसबुक आईडी पर समथिंग चिल (कुछ ठंडक) लिखकर हमले पर खुशी जाहिर की थी। सैफी की इस हरकत का मुसादिक ने उसकी पोस्ट को लाइक कर समर्थन किया था। हालांकि मुसादिक की करतूत जीवाजी विश्वविद्यालय में उसके साथ पढऩे वाले छात्रों की नजर में आ गई। कुछ छात्रों ने उसे लाइक का स्क्रीन शॉट ले लिया। सूत्रों का कहना है कि करतूत पकड़े जाने के बाद मुसादिक ने बचने के लिए सैफी की पोस्ट पर किया लाइक हटा दिया है। मामले की चल रही अंदरुनी पड़ताल में पोस्ट का स्क्रीन शॉट पुलिस और खुफिया एजेंसियों को थमाया गया है। सूत्रों का कहना है कि मुसादिक को 23फरवरी को डिग्री लेने के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय आना है। यहां उससे जवानों पर आत्मघाती हमला करने वालों को समर्थन देने वाली पोस्ट को पंसद करने की वजह को लेकर पूछताछ की जाएगी। उधर खुफिया सूत्रों का कहना है कि उम्मीद कम है कि मुसादिक डिग्री लेने के लिए कश्मीर से आएगा। क्योंकि उसे भी पता है कि उसकी हरकत पुलिस की नजर में आ चुकी है।