
ग्वालियर। थाटीपुर गांव के किसानों की जमीन पर 1939 में अंग्रेजों ने कब्जा कर बंगले बनवाए थे। आजादी के बाद जमीन के मुआवजे को लेकर किसान अदालत में गए। सुनवाई के बाद ३४ साल पहले कलेक्टर न्यायालय ने मुआवजा देने के आदेश दिए। इसके बाद 2016 में कलेक्टर ने यह मामला राज्य सरकार के पाले में डाल दिया था, तब से किसान लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों की जमीन के बदले में मुआवजा नहीं दिया है। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने के बजाय कन्नी काट रहे हैं, वहीं किसान अब इस लड़ाई को और आगे ले जाने की तैयारी में हैं।
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इन सर्वे नंबर पर बंगले
थाटीपुर के सर्वे नंबर-165, 166, 167, 172 197, 198, 199, 200, 222, 223, 224 की जमीन पर सरकारी बंगले बनाए गए हैं। इनमें से बंगला नंबर 14 ए, 14 बी, 14 सी, 15, 15 ए, 16, 17, 17 ए का निर्माण विवादित जमीन पर किया गया था। यह बंगले सरकार के वरिष्ठ अफसरों को आवंटित किए गए हैं।
कलेक्टर न्यायालय ने मुआवजा देने के आदेश दिए थे। यह मामला राज्य शासन के पास विचाराधीन है। शासन को निर्णय लेकर मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
अवधेश सिंह तोमर, अभिभाषक
Published on:
30 Apr 2018 10:14 am
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