21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1939 में अंग्रेजों ने ली थी बंगला बनाने के लिए जमीन, किसान आज तक भटक रहे मुआवजे के लिए

३४ साल से मुआवजे के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे किसान थाटीपुर में किसानों की जमीन पर जबरन बने हैं बंगले, १९३९ में अंग्रेजों ने बनवाया कोर्ट के आदेश

less than 1 minute read
Google source verification
thathipur gaon gwalior

ग्वालियर। थाटीपुर गांव के किसानों की जमीन पर 1939 में अंग्रेजों ने कब्जा कर बंगले बनवाए थे। आजादी के बाद जमीन के मुआवजे को लेकर किसान अदालत में गए। सुनवाई के बाद ३४ साल पहले कलेक्टर न्यायालय ने मुआवजा देने के आदेश दिए। इसके बाद 2016 में कलेक्टर ने यह मामला राज्य सरकार के पाले में डाल दिया था, तब से किसान लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने किसानों की जमीन के बदले में मुआवजा नहीं दिया है। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने के बजाय कन्नी काट रहे हैं, वहीं किसान अब इस लड़ाई को और आगे ले जाने की तैयारी में हैं।

चली आ रही तारीख पर तारीख

इन सर्वे नंबर पर बंगले
थाटीपुर के सर्वे नंबर-165, 166, 167, 172 197, 198, 199, 200, 222, 223, 224 की जमीन पर सरकारी बंगले बनाए गए हैं। इनमें से बंगला नंबर 14 ए, 14 बी, 14 सी, 15, 15 ए, 16, 17, 17 ए का निर्माण विवादित जमीन पर किया गया था। यह बंगले सरकार के वरिष्ठ अफसरों को आवंटित किए गए हैं।

कलेक्टर न्यायालय ने मुआवजा देने के आदेश दिए थे। यह मामला राज्य शासन के पास विचाराधीन है। शासन को निर्णय लेकर मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
अवधेश सिंह तोमर, अभिभाषक