30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

430 गांवों में भू स्वामित्व का काम पूरा, 10 नए राजस्व ग्राम होंगे गठित

-भू अभिलेख विभाग कर रहा है नए राजस्व ग्रामों का गठन-जंगल क्षेत्र के गांवों की अब नए राजस्व ग्राम के नाम से होगी पहचान
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Dharmendra Kumar Trivedi

•

Updated: 15 Jun 2023, 11:48 PM IST

430 गांवों में भू स्वामित्व का काम पूरा, 10 नए राजस्व ग्राम होंगे गठित

430 गांवों में भू स्वामित्व का काम पूरा, 10 नए राजस्व ग्राम होंगे गठित

श्योपुर। मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकर एवं स्वामित्व योजना और मुख्यमंत्री नगरीय भू अधिकारी एवं स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिले के 430 गांवों में काम पूरा कर लिया गया है। इन सभी गांवों में ग्रामीणों का डेटा इक_ा करके रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इसके बाद अब पट्टा आदि की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। इसके साथ ही कूनो से विस्थापित कुछ गांवों सहित 10 नए राजस्व ग्राम बनाने का प्रस्ताव भी प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद ये गांव गजट में शामिल हो जाएंगे। इसके बाद नए गांवों को पूर्ण राजस्व ग्राम का दर्जा मिल जाएगा।


दरअसल, धारणाधिकार अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष पहले शासकीय जमीनों पर रह रहे लोगों को आवासीय भूखंड का पट्टा देने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया से पहले ग्राउंड ट्रूथिंग का काम भी शुरू किया गया था। इससे भूखंडों की पहचान आसानी से हो सकती थी। जिले के 430 गांवों में डाटा इक_ा हो गया है। अभी 16 गांवों का डाटा इक_ा नहीं हो सका है। इसके अलावा कुछ अन्य गांवों में भी तकनीकी दिक्कतों की वजह से काम पूरा नहीं हो रहा है। इसकी वजह से न सिर्फ भू स्वामित्व योजना का काम समय से पूरा नहीं हो पा रहा बल्कि ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण योजना को केन्द्रीय स्वामित्व योजना के माध्यम से संचालित करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मध्यप्रदेश भूराजस्व संहिता 1956 की धारा 64 ए 107 (1) (ख) एवं मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता भू सर्वेक्षण तथा भू अभिलेख नियम 2020 के अंतर्गत यह कार्रवाई अभी भी जारी है। इस बीच दस नए राजस्व ग्रामों के गठन के लिए गजट नोटिफिकेशन का प्रस्ताव भेजे जाने से ग्रामों में विकास कार्य संचालित होने की प्रक्रिया भी आसान होगी।


इस तरह चल रही प्रक्रिया
कूनो क्षेत्र में आने वाले गांवों को विस्थापित करने के साथ ही नई जगह बसाहट की गई है। इन सभी की पहचान नए राजस्व ग्राम के रूप में होनी है। इसके लिए बीते काफी समय से प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत अब गजट नोटिफिकेशन के प्रस्ताव तैयार करके भेज दिए गए हैं।


इन गांवों का भेजा गया है प्रस्ताव
-मूल गांव अगरा के पास पालपुर, पैरा, मेघपुरा और जाखौदा नए राजस्व ग्राम बनेंगे।
-मूलगांव डोडरीकलां के पास अहिरवानी, खजूरीकलां नए राजस्व ग्राम होंगे।
-मूलगांव किशनपुरा के पास नयागांव, पीपलबावड़ी नए राजस्व ग्राम होंगे।
-मूलगांव ऊमरीकलां के पास खेड़ा, बसंतपुरा नए राजस्व ग्राम होंगे।


यह है चुनौती
वर्ष 2019-20 में मध्यप्रदेश भू प्रबंधन समिति ने ग्राउंड ट्रूथिंग का काम शुरू कराया था। ग्राउंड ट्रूथिंग का काम लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब बाकी का पांच प्रतिशत काम पूरा करने की चुनौती अधिकारियों के सामने है। पोर्टल पर कमी होने की वजह से भू स्वामित्व योजना पर असर पड़ रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में रहवासी भूखंड के भू स्वामी को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने में तकनीकी दिक्कत बनी हुई है।


वर्सन
-अभी जिले के 430 गांवों भू स्वामित्व संबंधित काम पूरा कर लिया गया है। दस नए राजस्व ग्रामों का प्रस्ताव भी गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया है। बाकी की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कराने का प्रयास रहेगा।
शिवम वर्मा, कलेक्टर