heritage look: देश के चुनिंदा डाकघरों को अब मिलेगा नया हेरिटेज लुक। इसमें में मध्य प्रदेश का भी पुराना डाकघर शामिल है जो रोमन वास्तुकला की अद्भुत कारीगरी का एक जीता-जागता नमूना है।
heritage look: डाक विभाग की ओर से मध्य प्रदेश के ग्वालियर (लश्कर) के महाराज बाड़ा स्थित प्रधान डाकघर का हेरिटेज लुक में संरक्षण किया जाएगा। संरक्षण और आपदा जोखिम प्रबंधन योजना के होने के बाद शहर का ये प्रमुख डाकघर नए कलेवर में नजर आएगा। डाक विभाग ने देश के आठ राज्यों के 10 हेरिटेज डाकघरों में लश्कर के प्रधान डाकघर को भी शामिल किया है। मध्यप्रदेश में लश्कर का डाकघर इकलौता होगा, जिसे हेरिटेज भवन संरक्षण में शामिल किया गया है। यहां इंडियन पोस्टल हेरिटेज का साइन बोर्ड भी जल्द लगने वाला है।
प्रधान डाकघर के संरक्षण कार्य के लिए स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड नोडल एजेंसी बन सकती है। मंगलवार को बैठक में बताया गया कि पांच वर्ष के संरक्षण कार्य के लिए 10 करोड़ का खर्च होगा। बैठक में प्रवर अधीक्षक अमित कुमार सिंह, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहायक अधीक्षक शशिकांत राठौर, स्मार्ट सिटी के जूनियर इंजीनियर सिद्धार्थ पाठक व प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रामकुमार गौड़ मौजूद रहे।
प्रधान डाकघर ग्वालियर के महाराज बाड़ा पर स्थित है। भव्य इमारत का निर्माण 1886 से 1909 के मध्य तत्कालीन सिंधिया शासक जयाजी राव सिंधिया ने कराया था। इसे नूतन महल के नाम से जाना जाता था। इसकी भव्यता इसकी निर्माण शैली में ही निहित है। प्रवेश द्वार की ओर जाने वाली सीढ़ियों के बाद खंभे हैं, जिन पर त्रिकोणीय रोमन वास्तुकला है। इमारत में डाकघर 1909 से संचालित है।
गुजरात में अहमदाबाद जीपीओ, हिमाचल प्रदेश मेंबर हिल पोस्ट ऑफिस, कर्नाटक में किट्टूर चन्नमा पार्क पोस्ट ऑफिस, केरल में कोची हेड पोस्ट ऑफिस, उदयमपुरुर (ओल्ड) पोस्ट ऑफिस, मध्यप्रदेश में लश्कर पोस्ट ऑफिस, नॉर्थ-ईस्ट में तियाबुंग पोस्ट ऑफिस, ओडिशा में संबलपुर हेड पोस्ट ऑफिस और तमिलनाडू में फिलेटेलिक ब्यूरो और अन्ना रोड हेड पोस्ट ऑफिस ।