script24 घंटे के अंदर खराब हो रही एलईडी लाइटें, शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं | LED lights are getting damaged within 24 hours, no hearing even after complaining, councilor said protest LED lights are getting damaged within 24 hours, no hearing even after complaining, councilor said protest LED lights are getting damaged within 24 hours, no hearing even after complaining, councilor said protest | Patrika News
ग्वालियर

24 घंटे के अंदर खराब हो रही एलईडी लाइटें, शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं

शहर की एलईडी लाइटों को सुधारकर चालू करने का 20 करोड़ में ठेका लेने वाली एचपीएल कंपनी की लापरवाही व स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा ध्यान नहीं देने से शहर के कई स्थानों पर अंधेरा पड़ा हुआ है।

ग्वालियरJul 06, 2024 / 10:54 pm

monu sahu

शहर की एलईडी लाइटों को सुधारकर चालू करने का 20 करोड़ में ठेका लेने वाली एचपीएल कंपनी की लापरवाही व स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा ध्यान नहीं देने से शहर के कई स्थानों पर अंधेरा पड़ा हुआ है।

शहर की एलईडी लाइटों को सुधारकर चालू करने का 20 करोड़ में ठेका लेने वाली एचपीएल कंपनी की लापरवाही व स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा ध्यान नहीं देने से शहर के कई स्थानों पर अंधेरा पड़ा हुआ है।

शहर की एलईडी लाइटों को सुधारकर चालू करने का 20 करोड़ में ठेका लेने वाली एचपीएल कंपनी की लापरवाही व स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा ध्यान नहीं देने से शहर के कई स्थानों पर अंधेरा पड़ा हुआ है। इसको लेकर पार्षद अब स्मार्ट सिटी कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रर्दशन की तैयारी में है। जबकि स्मार्ट सिटी सीइओ, निगम आयुक्त व सांसद भारत सिंह की सख्त चेतावनी के बाद भी न तो अधीक्षण यंत्री सुबोध खरे व उनकी टीम सहीं ढंग से कार्य कर रही हैं और न ही कंपनी के संजय सिंह व उनकी टीम कार्य में सुधार कर रही है।

मॉनीटरिंग के लिए लगाई गई टीमें भी नहीं दे रही ध्यान

खास बात यह है कि निगम द्वारा मॉनीटरिंग के लिए लगाई गई टीमें भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। यही कारण है कि कंपनी द्वारा जिन लाइटों को सही किया जा रहा है वह 24 घंटे के अंदर ही खराब हो रही है। वहीं आमजन व पार्षदों द्वारा शिकायत करने पर भी कर्मचारी मौके पर दो-तीन दिन बाद लाइट को सही करने के लिए पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि शिकायत करने के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर भी 24 घंटे चालू न रहते हुए सुबह 8 से शाम 5 बजे तक ही चालू रहता है और अवकाश वाले दिन बंद। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्मार्ट सिटी के इंजीनियर व अफसर किस तरह से एलईडी लाइटों को सही करने का कार्य रहे है। वहीं लाइटें खराब होने से पार्षदों के साथ अब आमजन भी निगम मुख्यालय तो कभी स्मार्ट सिटी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

200 लाइटें बंद सही करने 3 दिन बाद पहुंचा अमला

नगर निगम के वार्ड 56 में तीन दिन बाद कर्मचारी लाइटों को सही करने के लिए पहुंचे। इस दौरान 12 लाइटें ही लेकर गए, जबकि वार्ड में 200 लाइटें खराब पड़ी हुई है। संबंधित वार्ड का पार्षद व आमजन कई बार अधीक्षण यंत्री व अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। वार्ड में जो लाइटें कर्मचारी लगाकर जा रहे है वह भी 24 घंटे में खराब हो रही है।

24 घंटे में ही बंद हो रही लाइटें

वार्ड 58 में 500 लाइटें बंद होने के बाद भी सही नहीं करने पर स्मार्ट सिटी कार्यालय में धरना देने पहुंचे पार्षद अपर्णा पाटिल के वार्ड में सुबह कंपनी के कर्मचारी पहुंचे। इस दौरान कुछ लाइटों को सही किया गया है। जबकि अभी वार्ड में कई लाइटें बंद पड़ी हुई है। यहां हरीशंकरपुरम में लगाई गई लाइट 24 घंटे के अंदर ही बंद हो गई। इसकी शिकायत पार्षद व अधिकारियों से की गई है।
मेरे वार्ड में 200 एलईडी लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कई बार अधीक्षण यंत्री सुबोध खरे व कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी से भी शिकायत की गई है। लेकिन अब तक लाइटें चालू नहीं हुई है।
सुरेंद्र साहू, पार्षद वार्ड 56
वार्ड में अभी भी कई लाइटें बंद पड़ी हुई है। मंगलवार को टीम आई थी और उसने वार्ड में लाइटे चालू तो की है। यह बात सही है कि 24 घंटे के अंदर ही लाइटें खराब हो रही है।
अपर्णा पाटिल, पार्षद वार्ड 58
मेरे वार्ड में बीते दो महीने से एबी रोड की लाइटें बंद है। कई बार अधीक्षण यंत्री खरे व कंपनी के संजय को बोला गया है। लेकिन उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यदि लाइटें चालू नहीं हुई तो स्मार्ट सिटी सीइओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करुंगा।
भगवान सिंह कुशवाह, पार्षद वार्ड 38

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