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जीवन सूत्र है कल्प सूत्र

- चांदी की पालकी में निकाली गई कल्पसूत्र शोभायात्रा

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जीवन सूत्र है कल्प सूत्र

जीवन सूत्र है कल्प सूत्र

ग्वालियर. पर्युषण पर्व का चौथे दिन उपाश्रय भवन सराफा बाजार में बड़ी संख्या में साधक मौजूद थे। प्रवचनों से पूर्व सुबह चांदी की पालकी में महान ग्रंथ कल्पसूत्र को रखकर शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रीसंघ के अधिकांश सदस्य शामिल हुए एवं नृत्य करने के साथ-साथ जयकारे लगाते हुए चले। मार्ग में पडऩे वाले जैन श्रावकों के घर के सामने उन्होंने कल्पसूत्र के आगे अक्षत से गवली की, श्रीफल एवं चढ़ावा चढ़ाकर लाभ लिया। सराफा मंदिर से प्रारंभ यह शोभायात्रा डीडवाना ओली, नई सडक़, दानाओली, मोर बाजार, महाराज बाड़ा होते हुये उपाश्रय भवन पहुंची। जहां पारसमल संजीव पारख परिवार ने कल्पसूत्र को नलखेड़ा से आए गौरव बम को वैराया। तत्पश्चात श्रीसंघ के सदस्यों ने वासक्षेप से कल्पसूत्र की पूजा की। गौरव बम ने नवकार मंत्र का जाप कर कल्पसूत्र का वाचन करते हुए कहा कि कल्पसूत्र जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण शास्त्र है, जिसे वर्षों पहले आचार्य भद्रबाहु स्वामी ने प्राकृत भाषा में लिखा था। इसमें जैन तीर्थंकर भगवानों के जीवन चरित्र का वर्णन के साथ श्रावक-श्राविकाओं की पवित्र जीवन शैली का निर्देशन दिया गया है। आज के इस वैज्ञानिक युग में कल्पसूत्र सच्चे मायनों में जीवन शैली का परिचय करवाता है। इस ग्रंथ के मूल सूत्रों का वाचन केवल जैन साधु-साध्वियां कर सकती हैं।

परमात्मा में गुण ही गुण
नलखेड़ा से आए गौरव बम ने बताया कि संसार की हर वस्तु, व्यक्ति में कुछ न कुछ सद्गुण व अच्छाई होती है, किसी न किसी में कोई दुर्गुण होते ही है। जिस व्यक्ति के जैसे भाव जैसी दृष्टि होती है-उसे वहीं चीज दिखती है। केवल परमात्मा ही ऐसे हैं, जिनमें गुण ही गुण है। भक्ताम्बर सूत्र में मानतुंग आचार्य भगवंत कहते है- सारे गुण परमात्मा में एक साथ विराजमान है। परमात्मा का सच्चा भक्त वहीं है जो परमात्मा की आज्ञा का पालन करता है। परमात्मा की आज्ञा है-पौषध: प्रकृट औषध: इति पौषध:। जैसे शरीर बीमार हो जाए तो औषधि से ठीक किया जा सकता है। उसी प्रकार आत्मा में जो रागद्वेष रूपी रोग है-उसे ठीक करने के लिए विशिष्ट औषध है पौषध। इस दिन श्रावक उपवास व्रत का धारण करते है, सामायिक करते है और भी बहुत सी क्रियाएं होती है।

17 अगस्त को होगा महावीर स्वामी का जन्म वाचन
श्रीसंघ के अध्यक्ष सुनील दफ्तरी, कपूरचंद कोठारी, सुशील श्रीमाल, मनोज पारख, दीपक जैन, राहुल कोठारी एवं संजीव पारख ने बताया कि 17 अगस्त को पांचवे दिन सुबह 9 बजे कल्पसूत्र का वाचन एवं दोपहर 2 बजे से उपाश्रय भवन में भगवान महावीर स्वामी जन्म वाचन गौरव बम करेंगे। रात्रि 8 बजे से वैराग्यपुरा, सराफा बाजार स्थित जैन श्वेताम्बर मंदिर में भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा।