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बड़े शहरों से गांवों में पहुंचा लिव इन रिलेशनशिप कल्चर… खबर पढ़कर रह जाएंगे हैरान

लिव इन रिलेशन केस अब गांवों में भी बढ़ रहे हैं...युवक-युवती रिलेशनशिप में हैं, परिवार वालों से खतरा भी भांप रहे हैं...पढ़ें पूरी खबर

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हाईकोर्ट की युगल पीठ में शुक्रवार को एक रोचक मामला आया। मुरैना के युवक-युवती ने परिवार वालों से खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। कोर्ट ने उनसे सवाल किया कि शादी हो गई, इस पर उनका कहना था कि लिव इन रिलेशन में रह रहे हैं। इसको लेकर कोर्ट भी हैरान हो गया कि मुरैना जैसी छोटी जगह पर लिव इन का कल्चर इतना बढ़ा गया। जहां गोलियां चलती हैं, वहां लिव इन में रहने लगे हैं। कोर्ट ने दोनों से कहा कि पहले शादी करो, उसके बाद सुरक्षा दी जाएगी। 14 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन विवाह रचाएंगे। याचिका की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक ने की।

युवक व युवती ने हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका दायर की। उनकी ओर से कहा गया कि दोनों शादी करना चाहते हैं। उनके घरवाले इस शादी के खिलाफ हैं, इसलिए सुरक्षा प्रदान की जाए। दोनों न्यायालय में मौजूद थे। कोर्ट ने शादी के संबंध में दोनों से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। इसके बाद शिक्षा के संबंध में सवाल किया। युवक ने बताया कि वह आठवीं तक पढ़ा है। युवती बोली कि वह भी आठवीं तक पढ़ी है। दोनों स्कूल के समय से एक- दूसरे को जानते हैं। पहले कोर्ट ने युवती से 8 का पहाड़ा पूछा तो वह नहीं सुना सकी। इसके बाद 2 का पहाड़ा पूछा तो वह भी नहीं सुना सकी। लड़के से भी 2 का पहाड़ा पूछा, तो उसने सुना दिया।

बसंत पंचमी पर रचाएंगे शादी

कोर्ट ने कहा कि पहले लिव इन रिलेशनशिप छोड़ दें और विवाह करें। इसको लेकर शासकीय अधिवक्ता रवींद्र दीक्षित ने सलाह दी कि बसंत पंचमी आ रही है, इस दिन बड़ी संख्या में सामाजिक संस्थाएं विवाह कराती हैं, वहां जाकर विवाह कर सकते हैं। विवाह करने के बाद 15 फरवरी को फिर से बुलाया है।

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कोर्ट: शादी कर ली है?

जवाब: अभी दोनों लिव-इन रिलेशन में रह रहे हैं।

कोर्ट: कितनी पढ़ाई की?

राजवीर: आठवीं तक पढ़ाई की।

रूबी: मैंने भी आठवीं तक पढ़ाई की है। हम स्कूल के समय से ही एक-दूसरे को जानते हैं।

कोर्ट (लड़की से): 8 का पहाड़ा सुनाओ... (नहीं सुना सकी)

कोर्ट (लड़की से): दो का पहाड़ा सुनाओ... (नहीं सुना सकी)

कोर्ट (लड़के से): दो का पहाड़ा सुनाओ... (सुनाया)

कोर्ट: पहले शादी करो, फिर सुरक्षा दी जाएगी।

लिव इन पर कोर्ट की ऐसी भी टिप्पणियां

- सितंबर 2023: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा-फिल्म-टीवी सीरियल फैला रहे गंदगी

- अक्टूबर 2023: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा-ऐसे रिश्ते टाइम पास होते हैं

- अप्रैल 2022: मप्र हाईकोर्ट ने कहा-लिव इन से यौन अपराधों को बढ़ावा मिल रहा।

- सितंबर 2022: केरल हाईकोर्ट ने कहा- आज तो वाइफ की मीनिंग ही बदल गई।

- 26 जून 2021: ग्वालियर बैंच ने एक प्रेमी युगल को लिव इन में रहने की इजाजत दी, लेकिन शर्त रखी-युवक को प्रेमिका को खुश रखने का शपथ पत्र देना होगा।

सिर्फ मुरैना जिले से तीन और प्रेमी युगलों ने सुरक्षा के लिए याचिका लगाई है। इनमें दो मामलों की सुनवाई सोमवार को होगी। इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अदालत में मौजूद नहीं थे।

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