
चालीहा पर्व पर होगी भगवान झूलेलाल की होगी पूजा-अर्चना
ग्वालियर. सिंधी समाज मेें 40 दिन के उपवास 16 जुलाई रविवार से शुरू होने जा रहे हैं। इसे चालीहा पर्व कहा जाता है। विशेष बात यह है कि इस पर्व को कई लोग पूरे चालीस दिन तो बहुत से लोग 11 या 21 दिन रखते हैं। यानी न तो इस चालीस दिन की अवधि में वे ना तो मांसाहार करते हैं, न कोई व्यसन। यहां तक की बाल और शेविंग भी नहीं बनाते हैं। इसके साथ ही इस दौरान किसी भी तरह का मनोरंजन भी नहीं करते हैं। इस दौरान वे केवल पूजा-आराधना और भगवान झूलेलाल के नाम का जाप करने में ही लीन रहते हैं। दानाओली और माधौगंज स्थित झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल के ही स्वरूप बहिराणा साहब की स्थापना की जाएगी। झूलेलाल मंदिरों में समाजजन देश की खुशहाली एवं अच्छी बारिश के लिए भगवान वरुण देव की पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में सुबह हवन-पूजन के साथ अभिषेक होगा। चालीस दिन मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम होंगे। शाम को मंदिर में भगवान झूलेलाल की महाआरती की जाएगी। चालीहा पर्व की शुरूआत 16 जुलाई से प्रारंभ होगी, वहीं इसे 25 अगस्त तक मनाया जाएगा।
ऐसे होती है पूजा
बहिराणा साहब को एक थाल में सजाया जाता है। थाल में मटकी रखी जाती है। मटकी में कच्चे चावल, चीनी, लौंग, इलायची चने आदि मंत्रोच्चार के साथ डाले जाते हैं। बाद में इसे नदी-तालाब में विसर्जित किया जाता है, ताकि मछलियों को भोजन मिल सके।
ये है मान्यता
चालीहा महोत्सव सिंधी समाज का गौरवशाली पर्व है। मान्यता है कि चालीहा साहिब पर्व 1400 साल पुरानी सिंध की परंपरा है, सिंधु नदी के तट पर संतों ने इसे शुरू किया था। इन 40 दिनों तक अखंड ज्योति की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दौरान भगवान झूलेलाल की पूजा, जल एवं ज्योति के रूप में की जाती है।
निकलेगी ज्योति यात्रा
चालीहा पर्व के मौके पर दानाओली और माधौगंज झूलेलाल मंदिर कमेटी की ओर से ज्योति यात्रा निकाली जाएगी। 16 जुलाई को शाम 5 बजे दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिर से बहिराणा साहब की ज्योति यात्रा निकाली जाएगी जो मोर बाजार, महाराज बाड़ा होते हुए माधौगंज झूलेलाल मंदिर पहुंचेगी। हवन-पूजन के बाद भगवान झूलेलाल का जलाभिषेक होगा।
8 फीट की भगवान झूलेलाल की मूर्ति लगेगी
पूज्य सिंध हिंदू जनरल पंचायत ग्रेटर ग्वालियर के महासचिव श्रीचंद पंजाबी ने बताया कि माधौगंज और दानाओली के झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल की मूर्ति स्थापित करने के लिए जनकगंज में 8 फीट की झूलेलाल की मूर्ति तैयार कराई गई है। चल समारोह के रूप में मूर्ति रविवार को दोपहर 1 बजे दोनों मंदिरों पर लाया जाएगा। यहां हवन-पूजन के बाद मूर्तियां स्थापित जाएगी। इनका विसर्जन 25 अगस्त को चल समारोह के रूप में सागरताल में होगा।
झूलेलाल महोत्सव में होगी पल्लव प्रतियोगिता
झूलेलाल कल्चरल सोसायटी की ओर से इस मौके पर ऑन लाइन पल्लव प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सोसायटी के अध्यक्ष संगीत पारप्यानी एवं महासचिव राजकुमार कुकरेजा ने बताया कि बच्चों में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से होने जा रही प्रतियोगिता में 5 से 11 और 12 से 18 वर्ष तक के बच्चे हिस्सा ले सकेंगे। बच्चों को पल्लव गाकर उसका वीडियो बनाकर प्रतियोगिता संयोजक के मोबाइल नंबर भर भेजना होगा। सबसे अच्छा पल्लव गानेे वाले दोनों आयु समूह से 5-5 बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। पल्लव भेजने की अंतिम तारीख 31 जुलाई रखी गई है।
Published on:
15 Jul 2023 10:06 pm
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