मंदिर के पुजारी बसंत शर्मा और आचार्य दिनेश शर्मा ने बताया कि मंदिर की गहन साफ-सफाई के बाद, 11 ब्राह्मणों के दल ने पूरी विधि-विधान से भगवान कार्तिकेय स्वामी का गंगाजल से अभिषेक किया। यह भव्य अभिषेक देर रात करीब दो बजे तक चला, जिसके बाद वातावरण को भक्तिमय बनाते हुए आतिशबाजी भी की गई। दर्शनों का यह विशेष सिलसिला कल गुरुवार, 6 नवंबर को सुबह 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद मंदिर के पट पुनः एक साल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।