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शर्तों का उल्लंघन, बारिश के पानी की निकासी नहीं की, टाउनशिप की अनुमति निरस्त करने कलेक्टर सहित न्यूट्रिक बिल्डर को नोटिस

हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में मांगा है जवाब , - बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था बनाने की शर्त पर दी थी टाउनशिप की अनुमति, टेकनपुर के पास बझेरा पंचायत में आरडी गुप्ता की फर्म ने विकसित की है टाउनशिप ग्वालियर

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हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में मांगा है जवाब , - बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था बनाने की शर्त पर दी थी टाउनशिप की अनुमति, टेकनपुर के पास बझेरा पंचायत में आरडी गुप्ता की फर्म ने विकसित की है टाउनशिप ग्वालियर

हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में मांगा है जवाब , - बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था बनाने की शर्त पर दी थी टाउनशिप की अनुमति, टेकनपुर के पास बझेरा पंचायत में आरडी गुप्ता की फर्म ने विकसित की है टाउनशिप ग्वालियर

टेकनपुर के के पास बझेरा पंचायत में ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पीवीटी (न्यूट्रिक बिल्डर) की टाउनशिप में शर्तों का उल्लंघन सामने आया है। न बारिश के पानी की निकासी की और सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया। शर्तों के उल्लंघन का मामला हाईकोर्ट में पहुंचा है। हाईकोर्ट ने कलेक्टर, ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पीवीटी सहित 6 को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ पूर्व से लंबित एक और याचिका को इसके साथ लिंक कर दिया है। दोनों याचिकाओं की सुनवाई साथ-साथ की जाएगी।

दरअसल ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर बझेरा पंचायत में 5.901 हेक्टेयर भूमि पर टाउनशिप विकसित कर रहे हैं। 30 जुलाई 2025 को ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी। इसमें शर्त लगाई कि बारिश के पानी को निकालने की व्यवस्था करेंगे और पार्क के साथ-साथ पार्क भी बनाएंगे। अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित करेंगे, लेकिन अनुमति मिलने के बाद नियमों को ताक पर रख दिया। बारिश के पानी निकासी रोक दी। नहर का वाटर पोर्स भी तोड़ दिया। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बाउंड्रीवॉल भी खड़ी कर दी। इसको लेकर जीपी अरजरिया ने जिला प्रशासन सहित अन्य विभागों में शिकायत की। शर्तों का उल्लंघन होने पर सभी एनओसी निरस्त करने की मांग की, लेकिन प्रशासन, टीएंडसीपी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते जीपी अरजरिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद मध्य प्रदेश शासन, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम भितरवार, संयुक्त संचालक टीएंडसीपी व ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पीवीटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

नहर की जमीन पर 30 व 20 फीट तक अतिक्रमण

ग्रेविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर ने हरसी हाई लेवल नहर की माइनर नहर की जमीन पर एक ओर 20 व दूसरी 30 फीट अतिक्रमण किया है। बाउंड्रीवॉल भी जल संसाधन विभाग की जमीन पर है।

- बारिश के दौरान किसानों के खेतों में पानी जमा रहा और अब नहर का पानी आ गया है। जिससे खेत फिर से भर गए हैं।

- वाटर पोर्स भी तोड़ दिया है। वाटर पोर्स से किसानों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचता था। इनका निर्माण जल संसाधन विभाग ने किया था।

- बिल्डर की मनमानी से एक ओर किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं, दूसरी ओर किसानों की खेती सूख रही है।

- टाउनशिप में शर्तो का उल्लंघन होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते पीडि़त किसानों को हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी।