
प्रेमी को पाने या उससे शादी करने के लिए करें इस मंत्र का जाप
ग्वालियर। क्या आपका प्रेमी आपसे नाराज हो गया या आप प्रेमी के प्यार को प्राप्त करना चाहते हो अथवा प्यार चाहे पति-पति के बीच का हो,या प्रेम-प्रेमिका के दिल में पनपा हुआ। इसे सदा के लिए कायम रखना कोई सहज खेल नहीं है। प्रेम की सच्चाई और प्रगाढ़ता जीवन में कई बातों पर निर्भर करती है,जिसे परिस्थितियों के माहौल के अनुरूप सहेजना-संभालना पड़ता है। इसके लिए किए जाने वाले सरल नुस्खों के अतिरक्ति तंत्र , मंत्र , टोने-टोटके और ज्योतिषीय के कई उपाय ऐसे है जो आपके लिए कारगार साबित हो सकते हैं।
कई बार प्रेमियों के बीच अनबन हो जाती है या उनको लगता है कि उनके प्रेम में फीकापन आ गया है, या फिर प्रिय का किसी और के साथ मधुरता बन गई है। इसे ध्यान में रखते हुए आवश्यक है कि प्रेम की डोर कभी कमजोर नहीं होने पाए,लेकिन कैसे? इसे समझने के लिए आइए जानते हैं पंडित राममोहन शास्त्री द्वारा कुछ तांत्रिक,वैदिक और टोटके के उपायों के बारे में,जो प्रेम की अनुभूति को बढ़ा देगा।
पंडित सतीश सोनी ने बताया कि शास्त्र में कुछ ऐसे मंत्रों का उल्लेख किया गया है,जिसके बारे में मानना है कि इसका जाप करने से प्रेमी के साथ विवाह के रास्ते की सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं तो आइए जानते है लव मैरिज की सफलता के लिए किस-किस मंत्र का जाप करना बेहतर माना जाता है।
अपने प्रेमी को आकर्षित करने के लिए लोग इस मंत्र का करते हैं जाप
ऊँ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाह:
प्रेमी को अपना बनाने के लिए इस मंत्र के जाप का भी कई जगह उल्लेख होता है। केशवी केशवाराध्या किशोरी केशवस्तुता, रूद्र रूपा रूद्र मूर्ति रूद्राणी रूद्र देवता। कहा जाता है कि अपने प्रेमी या प्रेमिका के लिए मन से उपरोक्त मंत्रों का जाप करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करना चाहिए। प्रेम- विवाह में अवश्य सफलता मिलेगी। प्रत्येक शुक्रवार को राधा-कृष्ण की प्रतिमा के सामने इन मंत्रों का सच्चे मन से 108 बार जाप करें। उन्होंने बताया कि इस मंत्र का जाप करते ही 3 माह के अंदर प्रेम-विवाह में आ रही सारी अड़चनें दूर हो जाती हैं और सफलता के रास्ते बन जाते हैं।
दूर होती है विवाह की बाधाएं
उन्होंने बताया कि शुक्ल पक्ष के गुरुवार से इस प्रयोग को आरंभ करना चाहिए। भगवान विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ति के सामने बैठकर ऊँ लक्ष्मी नारायणाय नम: मंत्र का दिन में तीन बार स्फटिक का माला पर जप करें। इसे शुक्ल पक्ष के गुरुवार से ही शुरू करना चाहिए। साथ ही बताया जाता है कि तीन महीने तक हर गुरुवार को मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करना फलदायक साबित होता है।
यदि प्रेम-विवाह में कोई बाधा आ रही हो तो 5 नारियल लेकर इसे भगवान शंकर की मूर्ति के आगे रखकर ऊँ श्रीं वर प्रदाय श्री नम: मंत्र का जाप बार करें। यह जाप स्फटिक या रूद्राक्ष की माला पर पांच माला फेरते हुए करें। इसके बाद वे पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढ़ाएं, विवाह की बाधाएं दूर होती नजर आएंगी।
Published on:
28 May 2018 08:20 pm
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