
महंगाई कम होने से लेकर टैक्स स्लैब तक में बदलाव, पढ़ें बजट को लेकर क्या है शहरवासियों की उम्मीद
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट बुधवार को कमलनाथ की सरकार का पहल बजट पेश करेंगे। वित्त मंत्री से शहर के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।उनका कहना है कि यकीनन हमारे किचन की महंगाई कम होने से लेकर इनकम टैक्स स्लैब तक में बदलाव होगा। पत्रिका ने बजट पेश होने से पहले शहर की समाजसेवी,शिक्षाविद,सीए,डॉक्टर, एंटरप्रेन्योर से बात कर उनकी राय जानी,जिस पर उनका कहना था कि कांग्रेस की 15 साल बाद सरकार में वापसी हुई है। ऐसे में प्रदेश के वित्त मंत्री ऐसे बजट को पेश करेंगे। जिससे हर एक वर्ग को लाभ मिलेगा। तो आइए बजट को लेकर क्या कहते है शहर के लोग।
पर्यटन
जबलपुर में नर्मदा नदी के तट पर रिवर फ्रंट बनाया जाएगा।
डुमना नेचर सफारी का प्रावधान।
परिवहन
-छह माह में दो हजार किमी सड़क का निर्माण। सड़क के आसपास की शासकीय भूमि
का उपयोग वित्त पोषण के लिए करने पर विचार।
-भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे का निर्माण।
-रीजनल कनेक्टिविट के लिए भारत सरकार के साथ एमओयू हुआ। दतिया, रीवा, उज्जैन
और छिंदवाडा़ को वायुसेवा उपलब्ध होगी।
बिजली
-प्रदेश में बिजली की समस्या भी गंभीर है।
-विद्युत वितरण कंपनियों को अधिक धन उपलब्ध कराना पड़ा है।
-14 हजार 89 मेगावाट की पूर्ति की गई।
श्रमिकों के लिए नया सवेरा कार्यक्रम।
छिंदवाड़ा में नवीन विश्विवद्यालय का निर्णय।
झाबुआ में नवीन विश्वविद्यालय शुरू किया गया है।
आरक्षण
पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय। अल्पसंख्यक कल्याण के लिए भी
हम प्रतिबद्ध है। 821 करोड़ का प्रावधान।
आदिवासी
-आदिवासियों के एक लाख रुपए तक के ऋण माफ किए गए हैं।
-आदिवासियों के संरक्षण एवं उनके कुल के ग्राम के देवीदेवताओं के लिए मढ़िया,
सामुदायिक भवन निर्माण के लिए आष्ठान योजना प्रारंभ करने का निर्णय।
-कन्या विवाह एवं निकाह में सरकारी सहायता राशि 51 हजार रुपए किया है।
-अजाजजा के लिए छात्रवृत्ति, आवास एवं कौचिंग, विदेश के लिए आर्थिक अनुदान भी
पर्याप्त प्रावधान प्रस्तावित है।
खेल
-प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल अकादमी बनाई जाएगी
-स्वीमिंग अकादमी प्रस्तावित।
-दिव्यांग लोगों के लिए तीन सौ से बढ़ाकर 600 रुपए प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान।
-सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से बढकर 600
शिक्षा
विद्यलयों का युक्तियुक्त करण, शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण बनाने, 83 लाख छात्रों को
छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य। विद्यालयों में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था।
-स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 24 हजार करोड़ का बजट प्रस्तावित।
स्वास्थ्य
-बैकलॉग के 1065 पद डॉक्टरों के भरे जाएंगे
-स्वास्थ्य अधिकार लागू करेंगे
-जनता को स्वास्थ्य का अधिकार मिलेगा
-मेडिकल में 800 सीटें बढ़ेंगी
प्रदेश के अधिसूचित जनता को चिकित्सा सुविधा नहीं हो पा रही है। योग्य चिकित्सकों
की योजना में मुख्यमंत्री सुशील संजीवनी योजना शुरू करने का प्रस्ताव।
-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सीट वृद्धि, वायरल बीमारियों में वायरोलॉजी लैब। इंदौर,
जबलपुर, भोपाल में बर्न यूनिट प्रस्तावित।
-राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत मंडलेश्वर में आयुष अस्पताल प्रस्ताव।
-गंभीर कुपोषित बच्चों को उससे बचाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट।
किसानों को ऋण उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। हमारी सरकार ने 1 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने बीच-बीच में हंगामा कर रहे विपक्षी विधायकों को सख्त हिदायद दी। उन्होंने कहा कि टेबलें थपथपाएं, लेकिन व्यवस्था को न बिगाड़ें। यह परंपरा नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि मेरी व्यवस्था पर कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
विपक्ष बीच-बीच में रोका-टोकी करने लगे। इससे नाराज हुए विधानसभा अध्यक्ष।
किसानों के कर्ज माफ कर दिए गए हैं। बिजली बिल भी आधे कर दिए गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इंदिरा ज्योति योजना शुरू की गई है।
-परिषद में विभिन्न क्षेत्रों के कृषकों का प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
-ग्रामीण स्थल पर प्रगतिशील कुशल कृषक उपलब्ध होंगे।
-चंदेरी एवं महेश्वर की साड़ी, भोपाल के बटुए, रतलाम के सेव, मुरैना की गजक, मालवा के चूरमा लड्डू बुंदेलखंड की मावा जलेबी की देशविदेश में पहचान बनाने के लिए इनकी ब्रांडिंग की जाएगी।
-शहरी योजनाओं के लिए युवा स्वाभिमान योजना शुरू की गई है। 17 हजार से अधिक युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। स्वरोजगार के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए कार्य किया जा रहा है।
-प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों में 70 प्रतिशत मध्यप्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार देने का प्रावधान किया।
-सरकार ने कम समय में बड़े फैसले लिए।
-निवेश प्रोत्साहन के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है।
-लैंड पुलिंग पॉलिसी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
-चार नवीन टैक्सटाइल प्लांट प्रस्तावित है।
-निवेश प्रोत्साहन के लिए जो निर्णय लिए गए हैं उसके रिजल्ट आने लगे हैं।
-प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश किया जाएगा।
और ये भी
श्रमिक कल्याण के लिए नया सवेरा योजना
-दतिया, रीवा, उज्जैन में हवाई सेवा शुरू होगी
-सड़कों का जाल बिछेगा
-छिंदवाड़ा में यूनिवर्सिटी खोलने का एलान
-आदिवासियों के लिए स्पेशल ATM
-SC वर्ग के लिए 22 हजरा करोड़ का प्रावधान
-ST के लिए 33 हजार करोड़ का प्रावधान
-स्कूल शिक्षा के लिए 24, 472 करोड़ का प्रावधान
-ग्वालियर में डेयरी और फूड प्रोसेसिंग कॉलेज
-प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश का प्रयास
-नयी MSME नीति लायी जा रही है
-उद्योग नीति में बदलाव किया जाएगा
-उद्योगों में युवाओं की भागीदारी
-3 नये विश्वविद्यालय शुरू होंगे
-खेलों के विकास के लिए खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल और स्वीमिंग अकादमी शुरू की जाएगी.
-गौ-शालाओं का विकास प्राथमिकता
-कृषि सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा.
-स्वास्थ्य अधिकार कानून लागू किया जाएगा
भोपाल में आधुनिक पुस्तकालय खोले जाएंगे
-शिक्षा को रोज़गार मूलक बनाया जाएगा
-फूड प्रोसेसिंग के लिए सरकार स्पेशल पैकेज लाएगी
-बागवानी पर विशेष ध्यान
-बागवानी और फूड प्रोसेसिंग के लिए 400 करोड़ रुपए
-योग्य चिकित्सकों की भर्ती की जाएग
यह है उम्मीद
शहर को तीन सालों में मिले दो ऐसे पड़े प्रोजेक्ट हैं जो किसी न किसी कारण से अभी तक लटके हुए हैं। सबसे अहम और बड़ा प्रोजेक्ट औद्योगिक इकाई का है, जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो पाई है कि इसे कहां बनाया जाएगा। दूसरा अमृत सिटी योजना, जिसमें पेयजल पर काम होना था और दो बड़े पार्क बनाए जाने थे। इस योजना में भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
औद्योगिक इकाई : तीन साल पूर्व शहर में औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने की योजना तैयार की गई थी। डेढ़ साल पूर्व प्रोजेक्ट के लिए दो स्थानों पर जमीन आवंटित की गई थी, जिसमें सिमरिया टेकरी और मगरौरा शामिल है। छह माह पूर्व भोपाल से टीम जमीन को देखने आई थी। स्थानीय प्रशासन ने पहले सिमरिया टेकरी पर जमीन दिखाई, लेकिन इस जमीन पर पहुंचने के लिए एप्रोच रोड मात्र 15 फीट की थी, जिसके चलते इस जमीन को टीम ने रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद टीम को मगरौरा में जमीन का मुआयना कराया गया, लेकिन यहां भरके (बीहड़) होने के कारण टीम ने इस जमीन पर सहमति नहीं दी। अब तक प्रोजेक्ट लटका हुआ है। इस औद्योगिक इकाई में एक हजार करोड़ का इनवेस्ट होना था। हरियाणा, पंजाब और नोएडा के उद्योगपतियों ने एएमओ पर साइन कर यहां गेहूं, धान, शक्कर और पत्थर उद्योग लगाने की रुचि दिखाई थी।
अमृत सिटी योजना : शहर की पेयजल सप्लाई और बेहतर बनाने के लिए अमृत सिटी योजना के तहत 44 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि से पेयजल प्रोजेक्ट की सौगात नगर पालिका को मिली। स्वीकृत प्रस्ताव के काम का वर्क ऑडर मिले भी तीन माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पाया है, जिससे जुड़े वार्डों में नल सुविधा नहीं होने से वहां पानी संकट है, जबकि इस प्रस्ताव को पास हुए तीन साल से अधिक समय हो गया था, लेकिनडीपीआर बनाने में लेटलतीफी के चलते लंबा समय खिंच गया।
ये होना है काम
इस योजना के तहत जो क्षेत्र जल आवर्धन योजना में छूट गए हैं उन क्षेत्रों में सर्वे के मुताबिक करीब 240 किमी क्षेत्रफल में पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें नगर के मुख्य मार्ग का 12 किमी का क्षेत्रफल भी शामिल है जहां नई मुख्य पाइप लाइन डाली जाएगी। पानी स्टोर के लिए आठ जगह ट्रंचिंग ग्राउंड, विवेकानंद कॉलोनी, खेरी नटवा, बरोठा, कंचनपुर-मगरोरा, हरिपुर, चांदपुर और डबरा गांव में अलग-अलग स्थानों पर ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं। सिंध नदी पर अतिरिक्त एक और इंटववेल बनाया जाना है।
पार्क बनाने की योजना : अमृत सिटी योजना से नगर में दो पार्क निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव दो साल पहले स्वीकृत हुआ था जिसके तहत जवाहरगंज मुक्तिधाम एवं ट्रेङ्क्षचग ग्राउंड में पार्क 35 और 37 लाख रुपए से बनाने का दो साल पहले वर्कऑर्डर भी जारी किया जा चुका है, लेकिन काम ठेकेदार द्वारा शुरू नहीं किए जाने से ठेका निरस्त कर दिया गया। दोबारा टेंडर नहीं निकाला गया, जिसके कारण यह योजना लटकी हुई है।
यह बोले शहरवासी
रजनी शर्मा ने बताया कि किचन की महंगाई कम होने के साथ टैक्स स्लैब में परिवर्तन किया जाए। टैक्स रेट कम की जाए। क्योंकि नौकरी पेशा लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। क्योंकि इस वर्ग में सबसे ज्यादा वही आते हैं।
मिसेज यूनिवर्स फेमस मीनाक्षी माथुर ने बताया कि परिवार की फाइनेंसर महिला होती है, जो कि पूरे घर को अच्छे से चलाती है। मुझे यकीन है कि वित्त मंत्री बजट में प्रदेश के लोगों का पूरा ध्यान रखेंगे और इसका फायदा हम सभी को भी मिलेगा।
प्रिंसिपल वंदना शर्मा ने बताया कि महंगाई के कारण किचन का बजट बिगड़ा हुआ है। गैस सिलेंडर के लिए पहले अधिक पैसे लेना और फिर सब्सिडी एकाउंट में आना। इस फॉर्मूले को खत्म किया जाना चाहिए, जिससे हम पर लोड कम होगा। इसके साथ ही रोजमर्रा की चीजों पर लगातार बढ़ रहे रेट कम होने चाहिए।
एंटरप्रेन्योर ईला बहल ने बताया कि आज समय एंटरप्रेन्योरशिप का है। वित्त मंत्री द्वारा आज दिए जाने वाले बजट में वुमन एंटरप्रेन्योर के लिए खास तोहफे होने चाहिए, जिससे महिलाएं सशक्त हो सकेंगी। महिलाओं को घर से बाहर निकालने और एक सशक्त समाज का निर्माण करने के लिए यह अहम कदम होगा।
फैशन डिजाइनर आंचल बंसल ने बताया कि इस बजट में हाउसवाइफ को आगे बढ़ाने के लिए कुछ ऑप्शन होने चाहिए, जिससे वे घर पर ही कंफर्ट जोन में रहकर रन कर सकें। उन्हें आसानी से लोन मिल सके, जिससे उनकी प्लानिंग फेल न हो और उस पर लगने वाले ब्याज का स्लैब काफी रखा जाए।
शिक्षाविद ममता गोयल ने बताया कि किचन के बाद सबसे अधिक बजट बच्चों की एजुकेशन से बिगड़ रहा है। इस बजट में कुछ ऐसी पॉलिसी लाई जाएं, जिससे गवर्नमेंट स्कूल की दशा सुधर सके। वहां की एजुकेशन क्वालिटी इम्प्रूव हो। इससे महिलाओं का बजट बन सकेगा।
Updated on:
10 Jul 2019 07:43 pm
Published on:
10 Jul 2019 10:00 am
